गोवर्धन उत्सव

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। इस दिन बलि पूजा, अन्न कूट, मार्गपाली आदि उत्सव भी सम्पन्न होते है। अन्नकूट या गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई। गाय बैल आदि पशुओं को स्नान कराकर फूल माला, धूप, चन्दन आदि से उनका पूजन किया जाता है। Continue reading

केंसर के रोगी जो कीमो थेरपी ले चुके हों.. ध्यान दें.

डाक्टर के पास कीमो ही केंसर का एकमात्र विकल्प होता है.. शायद ही कोई रोगी होगा जिसे कीमो ना दी गई हो.. किंतु कीमो एक प्रकार का विष ही होता है.. जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को तहस नहस कर देता है. और इसके द्वारा हुआ नुकसान रोगी जीवन भर झेलता है. Continue reading

एकाग्रता के लिए हैं मूर्तियां

मूर्तियां माध्यम भर हैं, ईश्वर के प्रति एकाग्र होने की। हमें धर्मग्रंथों या प्रतीक पुरुषों का अनुसरण करने के बजाय स्वयं अनुभव प्राप्त करना चाहिए।  – स्वामी विवेकानंद का चिंतन….

संसार में सर्वत्र एक न एक रूप में आपको मूर्तियां मिलेंगी। कहीं मूर्ति का आकार मनुष्य जैसा है। मूर्तियों में मनुष्य ही सबसे उत्कृष्ट रूप हैं यदि मैं किसी मूर्ति की पूजा करना चाहूं, तो मै पशु, इमारत या अन्य किसी आकृति को अधिक पसंद करूंगा। एक सप्रंदाय समझता है कि अमुक रूप में ही मूर्ति ठीक तरह की है, तो दूसरा समझता है कि वह बुरी है। यही है मूर्ति-पूजा का दोष। Continue reading

जीणमाता मन्दिर

राजस्थान के सीकर शहर से 32 कि.मी की ओर जयपुर शहर से 115कि.मी. दूर अरावली पर्वतमाला की उपत्यका में स्थित श्री जीण माता का स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। यहां नवरात्र में मेला लगता है, इस धार्मिक परिवेश के सम्बन्ध में जनश्रुति है कि दुर्गा रूपों में प्रथम जयन्ती देवी के शक्तिपीठ नाम से प्रसिद्ध स्थल में श्री जीणमाता ने तपस्या करके देवत्व सिद्धि प्राप्त की थी। Continue reading

भविष्यवेत्ता

यह यूनान की प्राचीन प्रसिद्ध बोध-कथा है। एक राज-ज्योतिषी था। वह रात-दिन भविष्य-वाणी करने के लिए सितारों का अध्ययन करता रहता था। एक दिन वह रात के अंधेंरे में तारों को देखता हुआ जा रहा था। उसे पता नहीं चला कि आगे एक गहरा गड्ढा है। वह उसमें गिर गया।

उसके गिरने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पास ही एक झोपड़ी में रहने वाली वृद्धा उसकी मदद करने के लिए वहां पहुंच गई। उसने उसे रस्सी डालकर गड्ढें से निकाला। Continue reading

Haridwar

Haridwar meaning ‘Gateway to God’, also referred as the Mayapuri, Gangadwar, Mokhsadwar is an ancient city in the Uttarakhand state, in northern India.

It is one of the seven holiest places of the Hindus, located on the banks of River Ganges. It is the place where river Ganga descends to the Indo-Gangetic plains after flowing for about 250 kilometres (157 mi) from its source at Gaumukh, Gangotri Glacier. Continue reading