आज की तिथि (aaj ki tithi) और पंचांग 2024

चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी

बुधवार, 17 अप्रैल 2024

आज का व्रत और त्यौहार - राम नवमी 2024 | बुधवार व्रत और कथा | नवरात्रि का नौवां दिन - सिद्धिदात्री देवी

विक्रम संवत 2081

आज का पंचांग (aaj ka panchang)

मास चैत्र मास
पक्ष शुक्ल पक्ष
दिन बुधवार
तिथि आज की तिथि शुक्ल पक्ष नवमी है।
नवमी दोपहर 03:13 बजे तक और उसके बाद दशमी शुरू हो जाएगी।
देव भगवान श्री राम नवामी, अष्ट दिक्पालकास दशमी
नक्षत्र अश्लेशा
योग शूल
करण तैतिल
व्रत और त्यौहार राम नवमी 2024 | बुधवार व्रत और कथा | नवरात्रि का नौवां दिन - सिद्धिदात्री देवी

आज का सूर्योदय और चंद्रोदय समय

सूर्योदयसूर्योदय 05:53 AM
सूर्यास्तसूर्यास्त 06:48 PM
चंद्रोदयचंद्रोदय 01:04 PM
चंद्रास्तचंद्रास्त 02:23 AM
राहुकालराहुकाल 12:17 PM
राहुकालराहुकाल 01:53 PM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

आज की तिथि विशेष


हिन्दू धर्म में तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। हिन्दू धर्म में तिथि, पंचाग और दिन के आधार पर ही कार्य किए जाते है। दिन की शुरूआत में सबसे पहले यह जाना जाता है कि आज की तिथि क्या है?, आज का हिन्दू पंचाग क्या है?, आज का दिन क्या है?, आज की तिथि और आज कौन सा दिन है?। आज का राहु काल समय क्या है?


आज की तिथि, Aaj Ki Tithi, Aaj Ka Panchang, Aaj Ki Hindu Tithi, Aaj Ka Hindu Panchang, Aaj Kaunsi Tithi Hai, Aaj Kiya Hai?, Aaj ki tithi kya hai, aaj kya din hai, aaj ka suryaoday, aaj ka chandroday


आज का अभिजीत मुहूर्त

सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य आने वाले 15 मुहूर्तों में से अभिजित मुहूर्त का क्रम आँठवा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक की समयावधि को 15 समान भागों में विभाजित किया जाता है जिसका मध्य भाग अभिजित मुहूर्त के नाम से जाना जाता है। अधिक जानिए


आज का होरा समय तालिका?

किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए ज्योतिषचार्य से परामर्श करना होता है। होरा तालिका द्वारा हम बिना ज्योतिषचार्य के, शुभ और अशुभ समय को जान सकते है। ज्योतिष शास्त्र ने इसके लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त की गणना के लिये होरा चक्र का निर्माण किया है। अधिक जानिए


आज का शुभ मुहूर्त

चौघड़िया एक हिंदी कैलेंडर जो कि विशेष रूप से हिंदू धर्म में प्रयोग किया जाता है, ताकि शुभ समय का पता चल सके जब कोई नया कार्य शुरू करना हो या महत्त्वपूर्ण काम करना हो।अधिक जानिए



आने वाली तिथियां

गुरुवार, 18 अप्रैल 2024

दशमी सायं 05:30 बजे तक तथा उसके बाद एकादशी प्रारंभ हो जायेगी।

बृहस्पतिवार व्रत और कथा

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

एकादशी रात्रि 08:04 बजे तक तथा उसके बाद द्वादशी प्रारंभ हो जायेगी।

इस्कॉन एकादशी कैलेंडर 2024 | कामदा एकादशी 2024 | शुक्रवार व्रत और कथा

शनिवार, 20 अप्रैल 2024

द्वादशी रात्रि 10:41 बजे तक तथा उसके बाद त्रयोदशी प्रारम्भ हो जायेगी।

शनिवार व्रत, पूजा और कथा

रविवार, 21 अप्रैल 2024

त्रयोदशी अगले दिन प्रातः 01:11 बजे तक तथा उसके बाद चतुर्दशी प्रारम्भ हो जायेगी।

महावीर जन्म कल्याणक 2024 | रविवार व्रत, पूजा और कथा | रवि प्रदोष व्रत 2024


वर्ष 2024 में आने वाली पूर्णिमा, एकादशी, अमावस्या और अन्य व्रत तिथियां













2024 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार









आज की तिथि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर दा डिवाईन इंडिया के आज की तिथि के पेच पर मिल सकता है जैसे आज का त्यौहार और व्रत, त्योहार, व्रत, मासिक व्रत, पंचक तिथियाँ, आज की कौन सी आरती होती है, आज चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का समय क्या है और आज का सूर्योदय व सूर्योस्त का समय क्या है आदि। आप के ऐसे प्रश्न जैसे कि आज का पचांग क्या है?, आज का राहु काल समय क्या है?, आज कौन सी तिथि है, आज की तिथि क्या है?, अमावस्या कब की है?, एकादशी कब की है?, प्रदोष व्रत कब है?, काला अष्टमी व्रत कब है?, इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है?, संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पेज पर उपलब्ध है।


आज की क्या तिथि है हिन्दू पंचांग के अनुसार ?

विक्रम संवत 2081 के अनुसार आज चैत्र शुक्ल पक्ष है और आज की तिथि - बुधवार, 17 अप्रैल 2024

पंचांग क्या होता है?

पंचांग मतलब पंच अंग जैसे तिथि, वार, योग, नक्षत्र, करण। इन्हीं से मिलकर ही शुभ योग का निर्माण होता है, जिसे हम मुहूर्त कहते हैं।

राहु काल क्या होता है?

राहुकालम को राहु की समय अवधि को कहा जाता है। यह वह समय होता है जिस राहु काल की अवधि को संदर्भित करता है। राहु काल प्रत्येक दिन में एक अशुभ समय अवधि को बताता है। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य करना अनुकूल नहीं माना जाता है।

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होता है?

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में बड़ते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। शुक्ल श्वेत या उज्ज्वल के लिए संस्कृत शब्द है। शुक्ल पक्ष 15 दिनों की अवधि है, जो अमावस्या के दिन से शुरू होती है और पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस पक्ष को शुभ माना जाता है।
कृष्ण पक्ष हिन्दू कैलेंडर में घटते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। कृष्ण अंधेरे के लिए संस्कृत शब्द है। कृष्ण पक्ष 15 दिनों की अवधि है

कौन-से पक्ष में शुभ कार्य करने चाहिए?

शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए

तिथि क्या होती है ?

जानिए हिंदू पंचांग और हिंदू पंचाग के अनुसार तिथि हिंदू कैलेंडर का मुख्य भाग है। यह हिंदू कैलेंडर के चंद्र कैलेंडर दिनों में से एक है। तिथि के आधार पर, सभी दिन, त्यौहार, जन्मदिन, मृत्यु वर्ष, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि निर्धारित किए जाते हैं। वेडिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन की तिथियां हैं। जिसमें अमावस्या और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आते हैं। पहली पंद्रह तिथियां शुक्ल पक्ष में शामिल हैं, जबकि अगले पंद्रह तीथ कृष्ण पक्ष में शामिल हैं। शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए। एक तिथि को पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चंद्रमा की 12 डिग्री झुकाव के साथ एक तिथि समाप्त होती है। एक तिथि के पाँच भाग होते हैं जिन्हें नन्दा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहते हैं।


Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

ENहिं