मंगला अष्टक: दिव्य आशीर्वाद पाने के लिए शुभ भजन

"मंगला अष्टक" एक प्रतिष्ठित संस्कृत भजन है जो हिंदू भक्ति साहित्य में एक विशेष स्थान रखता है। यह भगवान मंगला का एक सुंदर आह्वान है, जिन्हें शक्ति, भक्ति और सुरक्षा के अवतार भगवान हनुमान के रूप में भी जाना जाता है। यह अष्टक, आठ छंदों का एक भजन है, जिसका जीवन के विभिन्न पहलुओं में आशीर्वाद, सुरक्षा और शुभता पाने के लिए गहरी श्रद्धा के साथ जप किया जाता है।

मंगला अष्टक:

नमोस्तु गदाधराय, नित्यमयाय वेधसे।
मूर्तिमन्ते, नारायणवल्लभाय, सुगुणाय साक्षिने॥

श्रीवत्सवक्षाधाराय, रामानुजाय तेजसे।
केशवाय, दामोदराय, नामवेधाय तुभ्यम्॥

नमोस्तु मंगलाय, समुंगलदायिने।
महाबलाय, रामाय च वाञ्चिताय, दृढ़प्रियाय॥

सर्वानन्दवर्धनाय, सौमङ्गलाय मङ्गलम्।
आरोग्यदायिने, गुणग्राह्याय, गुणप्रभण्डदायिने॥

अनुवाद:

"ज्ञान के शाश्वत स्रोत, गदा धारक को नमस्कार।
हे दिव्य स्वरूप वाले भगवान, भगवान नारायण के प्रिय, गुणों के अवतार और सभी के साक्षी।"

"जिनकी छाती पर श्रीवत्स का चिह्न है, भगवान राम के तेजस्वी वंशज, उन्हें नमस्कार है।
हे केशव, दामोदर, नामों के ज्ञाता, मैं आपको नमस्कार करता हूं।

"उस शुभ को नमस्कार, प्रचुर शुभता प्रदान करने वाली।
परम शक्तिशाली, इच्छित भगवान राम, दृढ़ प्रेमी।"

"उन भगवान को नमस्कार जो भगवान शिव और दूसरों को आनंद प्रदान करते हैं, परम शुभता के दाता हैं।
अच्छे स्वास्थ्य का दाता, जो गुणों को धारण करता है और उन्हें बढ़ाता है।"

मंगला अष्टक का सार

मंगला अष्टक भगवान हनुमान के दिव्य गुणों की प्रशंसा करता है, जो भक्ति, साहस और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इन छंदों के माध्यम से, भक्त भगवान मंगला से शुभता, शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति, बाधाओं से सुरक्षा और समग्र कल्याण का आशीर्वाद मांगते हैं।

महत्व और लाभ

शुभता: माना जाता है कि मंगला अष्टक का जाप व्यक्ति के जीवन में शुभता को आकर्षित और आमंत्रित करता है, जिससे सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा मिलता है।

शक्ति: भक्त अटूट दृढ़ संकल्प के साथ शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों चुनौतियों पर काबू पाने के लिए भगवान हनुमान की शक्ति और साहस की तलाश करते हैं।

सुरक्षा: भगवान हनुमान को अक्सर रक्षक के रूप में माना जाता है, जो भक्तों को बुरी ताकतों से बचाते हैं और उन्हें सही रास्ते पर ले जाते हैं।

भक्ति: भजन भगवान मंगला के प्रति गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करने का एक तरीका है, जो परमात्मा के साथ आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करता है।

मंगल अष्टक का जाप

भक्त अक्सर भगवान हनुमान की दिव्य उपस्थिति के प्रति खुद को समर्पित करते हुए, प्रतिदिन या विशेष अवसरों पर मंगला अष्टक का जाप करते हैं। इन छंदों को दोहराने से न केवल आशीर्वाद मिलता है बल्कि आंतरिक शांति, भक्ति और सुरक्षा की भावना भी पैदा होती है।

मंगला अष्टक एक कालातीत भजन है जो भक्ति की भावना और दिव्य आशीर्वाद और शुभता की खोज को समाहित करता है। यह भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा की हार्दिक अभिव्यक्ति है, जो उनकी दिव्य शक्ति और सुरक्षा की मांग करते हुए, भक्तों को धार्मिकता, साहस और आध्यात्मिक पूर्ति के मार्ग पर ले जाते हैं।









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