चैत्र नवरात्रि 2026 (दूसरा दिन) - माँ ब्रह्मचारिणी की तपस्या से सीखें धैर्य और संकल्प

नई दिल्ली/हरिद्वार: आज 20 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज का दिन आदि शक्ति के माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित है। 'ब्रह्म' का अर्थ है तपस्या और 'चारिणी' का अर्थ है आचरण करने वाली। माँ का यह रूप हमें सिखाता है कि कठिन संघर्षों में भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं होना चाहिए।

आज की पूजा का विशेष महत्व

  • मुहूर्त: आज पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 PM से 12:53 PM तक है।

  • प्रिय रंग (Green): आज के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ है। हरा रंग प्रकृति, विकास और शांति का प्रतीक है।

  • प्रिय भोग: माँ ब्रह्मचारिणी को चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग बहुत प्रिय है। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

  • मंत्र: आज "ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः" का 108 बार जाप करने से एकाग्रता बढ़ती है।

पौराणिक कथा: हज़ारों वर्षों की कठिन तपस्या

देवी सती के पुनर्जन्म के बाद, माँ पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हज़ारों वर्षों तक केवल फल-फूल और फिर केवल पत्तों (अपर्णा) पर रहकर तपस्या की थी। उनकी इसी अटूट श्रद्धा के कारण उन्हें 'ब्रह्मचारिणी' कहा गया।


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