आज की हिन्दू तिथि और पंचांग, आज की तिथि क्या है, आज की तिथि, आज का दिन, आज क्या तिथि है और आज का त्यौहार व व्रत

हिन्दू धर्म में तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। हिन्दू धर्म में तिथि, पंचाग और दिन के आधार पर ही कार्य किए जाते है। दिन की शुरूआत में सबसे पहले यह जाना जाता है कि आज की तिथि क्या है?, आज का हिन्दू पंचाग क्या है?, आज का दिन क्या है? और आज कौन सा दिन है?। इन सभी प्रश्नों का उत्तर नीचे दिया गया है।

आज की हिन्दू तिथि और पंचांग

शनिवार, 03 दिसंबर 2022

मास मार्गशीर्ष
पक्ष शुक्ल
दिन शनिवार
तिथि

मोक्षदा एकादशी सुबह 05 बजकर 34 मिनट तक और उसके बाद द्वादशी लग जाएगी।

देव भगवान कुबरा एकदशी, भगवान महा विष्णु द्वादशी
नक्षत्र रेवती
योग व्यातीपात
करण वणिज
व्रत और त्यौहार कुरुक्षेत्र महोत्सव 2022 | भगवद गीता जयंती 2022 | मोक्षदा एकादशी 2022 | शनिवार व्रत, पूजा और कथा | इस्कॉन एकादशी तिथियां 2022
विक्रम संवत 2079
सूर्योदयसूर्योदय 06:58 AM
सूर्यास्तसूर्यास्त 05:23 PM
चंद्रोदयचंद्रोदय 02:28 PM
चंद्रास्तचंद्रास्त 02:13 AM
राहुकालराहुकाल 06:58 AM
राहुकालराहुकाल 08:16 AM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

आज का शुभ समय

शुभ समय वह होता है जिसमें ग्रह और नक्षत्र मनुष्य के लिए अच्छे व फलदायक होता हैं। शुभ मुहूर्त के साथ किया गया कार्य बिना किसी रूकावट के सफल माना जाता है। जिसमें किसी भी कार्य करने का सही समय होता है। अधिक जानिए




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कल की हिन्दू तिथि और पंचांग

रविवार, 04 दिसंबर 2022

मास मार्गशीर्ष
पक्ष शुक्ल
तिथि

द्वादशी सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक और उसके बाद त्रयोदशी लग जाएगी।

देव भगवान महा विष्णु द्वादशी, धर्म त्रयोदशी
नक्षत्र अश्विनी
योग वरीयान
करण बव
व्रत और त्यौहार रविवार व्रत, पूजा और कथा
विक्रम संवत 2079
सूर्योदयसूर्योदय 06:58 AM
सूर्यास्तसूर्यास्त 05:23 PM
चंद्रोदयचंद्रोदय 03:00 PM
चंद्रास्तचंद्रास्त 03:13 AM
राहुकालराहुकाल 12:10 PM
राहुकालराहुकाल 01:28 PM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

वर्ष 2022 में आने वाली पूर्णिमा, एकादशी, अमावस्या और अन्य व्रत तिथियां










आगामी त्यौहार

  • कुरुक्षेत्र महोत्सव 2022
  • भगवद गीता जयंती 2022
  • मोक्षदा एकादशी 2022
  • दत्तात्रेय जयंती 2022
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत 2022
  • सफला एकादशी 2022




2022 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार









आज की तिथि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर दा डिवाईन इंडिया के आज की तिथि के पेच पर मिल सकता है जैसे आज का त्यौहार और व्रत, त्योहार, व्रत, मासिक व्रत, पंचक तिथियाँ, आज की कौन सी आरती होती है, आज चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का समय क्या है और आज का सूर्योदय व सूर्योस्त का समय क्या है आदि। आप के ऐसे प्रश्न जैसे कि आज का पचांग क्या है?, आज का राहु काल समय क्या है?, आज कौन सी तिथि है, आज की तिथि क्या है?, अमावस्या कब की है?, एकादशी कब की है?, प्रदोष व्रत कब है?, काला अष्टमी व्रत कब है?, इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है?, संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पेज पर उपलब्ध है।


आज की क्या तिथि है हिन्दू पंचांग के अनुसार ?

विक्रम संवत 2079 के अनुसार आज मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष है और आज की तिथि - शनिवार, 03 दिसंबर 2022

पंचांग क्या होता है?

पंचांग मतलब पंच अंग जैसे तिथि, वार, योग, नक्षत्र, करण। इन्हीं से मिलकर ही शुभ योग का निर्माण होता है, जिसे हम मुहूर्त कहते हैं।

राहु काल क्या होता है?

राहुकालम को राहु की समय अवधि को कहा जाता है। यह वह समय होता है जिस राहु काल की अवधि को संदर्भित करता है। राहु काल प्रत्येक दिन में एक अशुभ समय अवधि को बताता है। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य करना अनुकूल नहीं माना जाता है।

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होता है?

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में बड़ते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। शुक्ल श्वेत या उज्ज्वल के लिए संस्कृत शब्द है। शुक्ल पक्ष 15 दिनों की अवधि है, जो अमावस्या के दिन से शुरू होती है और पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस पक्ष को शुभ माना जाता है।
कृष्ण पक्ष हिन्दू कैलेंडर में घटते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। कृष्ण अंधेरे के लिए संस्कृत शब्द है। कृष्ण पक्ष 15 दिनों की अवधि है

कौन-से पक्ष में शुभ कार्य करने चाहिए?

शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए

तिथि क्या होती है ?

जानिए हिंदू पंचांग और हिंदू पंचाग के अनुसार तिथि हिंदू कैलेंडर का मुख्य भाग है। यह हिंदू कैलेंडर के चंद्र कैलेंडर दिनों में से एक है। तिथि के आधार पर, सभी दिन, त्यौहार, जन्मदिन, मृत्यु वर्ष, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि निर्धारित किए जाते हैं। वेडिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन की तिथियां हैं। जिसमें अमावस्या और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आते हैं। पहली पंद्रह तिथियां शुक्ल पक्ष में शामिल हैं, जबकि अगले पंद्रह तीथ कृष्ण पक्ष में शामिल हैं। शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए। एक तिथि को पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चंद्रमा की 12 डिग्री झुकाव के साथ एक तिथि समाप्त होती है। एक तिथि के पाँच भाग होते हैं जिन्हें नन्दा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहते हैं।


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