आज की तिथि क्या है, आज क्या दिन है, आज क्या तिथि है और आज की तिथि, आज का त्यौहार और व्रत

आज की तिथि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर दा डिवाईन इंडिया के आज की तिथि के पेच पर मिल सकता है जैसे आज का त्यौहार और व्रत, त्योहार, व्रत, मासिक व्रत, पंचक तिथियाँ, आज की कौन सी आरती होती है, आज चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का समय क्या है और आज का सूर्योदय व सूर्योस्त का समय क्या है आदि। आप के ऐसे प्रश्न जैसे कि आज का पचांग क्या है?, आज का राहु काल समय क्या है?, आज कौन सी तिथि है, आज की तिथि क्या है?, अमावस्या कब की है?, एकादशी कब की है?, प्रदोष व्रत कब है?, काला अष्टमी व्रत कब है?, इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है?, संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पेज पर उपलब्ध है।

विक्रम संवत 2078

अश्विन शुक्ल पक्ष द्वादशी

Sunday, 17 October 2021

भगवान महा विष्णु द्वादशी, धर्म त्रयोदशी
शुक्ल पक्ष द्वादशी शाम 05:39 बजे तक और उसके बाद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी शुरू होगी।

आज का व्रत और त्यौहार: रविवार व्रत

सूर्योदय सूर्योदय 06.17 AM
सूर्यास्त सूर्यास्त 05.46 PM
चंद्रोदय चंद्रोदय 04:20 pm
चंद्रास्त चंद्रास्त 04:04 am
राहुकाल राहुकाल 04:24 PM
राहुकाल राहुकाल 05:49 PM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

क्या है आज का शुभ समय ?

शुभ समय वह होता है जिसमें ग्रह और नक्षत्र मनुष्य के लिए अच्छे व फलदायक होता हैं। शुभ मुहूर्त के साथ किया गया कार्य बिना किसी रूकावट के सफल माना जाता है। जिसमें किसी भी कार्य करने का सही समय होता है। अधिक जानिए



कल की तिथि, कल की क्या तिथि है, कल का त्यौहार और व्रत

अश्विन शुक्ल पक्ष त्रयोदशी

सोमवार, 18 अक्टूबर 2021

धर्म त्रयोदशी, भगवान शिव चतुर्दशी
शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी शाम 06:07 बजे तक और उसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी शुरू होगी.

कल का व्रत और त्यौहार: सोमवार व्रत

सूर्योदय सूर्योदय 06.18 AM
सूर्यास्त सूर्यास्त 05.45 PM
चंद्रोदय चंद्रोदय 04:50 pm
चंद्रास्त चंद्रास्त 05:00 am
राहुकाल राहुकाल 07:49 AM
राहुकाल राहुकाल 09:15 AM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

आने वाली पूर्णिमा, एकादशी, अमावस्या और अन्य व्रत तिथियां

पापंकुशा एकादशी
शनिवार, 16 अक्टूबर 2021
एकादशी तिथि प्रारंभ: 15 अक्टूबर 2021 शाम 06:02 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 16 अक्टूबर 2021 शाम 05:37 बजे

दर्शन अमावस्या, कार्तिक अमावस्या
गुरुवार, 4 नवंबर, 2021
अमावस्या प्रारंभ: 04 नवंबर 2021 सुबह 06:03 बजे
अमावस्या समाप्ति : 05 नवंबर 2021 पूर्वाह्न 02:44 बजे

शरद पूर्णिमा
मंगलवार, 19 अक्टूबर 2021
पूर्णिमा प्रारंभ: 19 अक्टूबर 2021 अपराह्न 07:03 बजे
पूर्णिमा समाप्ति : 20 अक्टूबर 2021 रात 08:26 बजे

प्रदोष व्रत
रविवार, 17 अक्टूबर, 2021
अश्विन, शुक्ल त्रयोदशी
प्रदोष व्रत प्रारंभ: 17 अक्टूबर 2021 शाम 05:39 बजे
प्रदोष व्रत समाप्त - 18 अक्टूबर 2021 को शाम 06:07 बजे

कार्तिका, कृष्ण कार्तिका, कालाष्टमी व्रत
शनिवार, 28 अक्टूबर 2021
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 28 अक्टूबर 2021 दोपहर 12:49 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर 2021 दोपहर 02:09 बजे

मासिक शिवरात्रि
बुधवार, 3 नवंबर, 2021।
शिवरात्रि प्रारंभ: 03 नवंबर 2021 पूर्वाह्न 09:02 बजे
शिवरात्रि समाप्त: 04 नवंबर 2021 पूर्वाह्न 06:03 बजे

वक्रतुंडा संकष्टी चतुर्थी
रविवार, 24 अक्टूबर 2021,
चतुर्थी तिथि प्रारंभ - 24 अक्टूबर 2021 पूर्वाह्न 03:01 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - 25 अक्टूबर 2021 पूर्वाह्न 05:43 बजे

अक्टूबर पंचक तिथियां 2021
पंचक प्रारंभ: शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021 को रात 09:16 बजे
पंचक समाप्ति: बुधवार, 20 अक्टूबर 2021 पूर्वाह्न 02:02 बजे

रोहिणी व्रत
रविवार, 24 अक्टूबर 2021
समय प्रारंभ : 23 अक्टूबर 2021 अपराह्न 09:53 बजे
समय समाप्ति: 24 अक्टूबर 2021 पूर्वाह्न 01:02 बजे






आगामी त्यौहार

  • करवा चौथ 2021
  • अहोई अष्टमी 2021
  • बटेश्वर मेला
  • रंभा या रमा एकादशी 2021
  • धनतेरस 2021
  • दीपावली 2021


2021 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार










पंचांग क्या होता है?

पंचांग मतलब पंच अंग जैसे तिथि, वार, योग, नक्षत्र, करण। इन्हीं से मिलकर ही शुभ योग का निर्माण होता है, जिसे हम मुहूर्त कहते हैं।

राहु काल क्या होता है?

राहुकालम को राहु की समय अवधि को कहा जाता है। यह वह समय होता है जिस राहु काल की अवधि को संदर्भित करता है। राहु काल प्रत्येक दिन में एक अशुभ समय अवधि को बताता है। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य करना अनुकूल नहीं माना जाता है।

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होता है?

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में बड़ते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। शुक्ल श्वेत या उज्ज्वल के लिए संस्कृत शब्द है। शुक्ल पक्ष 15 दिनों की अवधि है, जो अमावस्या के दिन से शुरू होती है और पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस पक्ष को शुभ माना जाता है।
कृष्ण पक्ष हिन्दू कैलेंडर में घटते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। कृष्ण अंधेरे के लिए संस्कृत शब्द है। कृष्ण पक्ष 15 दिनों की अवधि है

कौन-से पक्ष में शुभ कार्य करने चाहिए?

शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए

तिथि क्या होती है ?

जानिए हिंदू पंचांग और हिंदू पंचाग के अनुसार तिथि हिंदू कैलेंडर का मुख्य भाग है। यह हिंदू कैलेंडर के चंद्र कैलेंडर दिनों में से एक है। तिथि के आधार पर, सभी दिन, त्यौहार, जन्मदिन, मृत्यु वर्ष, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि निर्धारित किए जाते हैं। वेडिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन की तिथियां हैं। जिसमें अमावस्या और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आते हैं। पहली पंद्रह तिथियां शुक्ल पक्ष में शामिल हैं, जबकि अगले पंद्रह तीथ कृष्ण पक्ष में शामिल हैं। शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए। एक तिथि को पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चंद्रमा की 12 डिग्री झुकाव के साथ एक तिथि समाप्त होती है। एक तिथि के पाँच भाग होते हैं जिन्हें नन्दा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहते हैं।

आप इन्हें भी देख सकते हैं।


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