आज की तिथि क्या है, आज क्या दिन है, आज क्या तिथि है और आज की तिथि

आज की तिथि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर दा डिवाईन इंडिया के आज की तिथि के पेच पर मिल सकता है जैसे त्योहार, व्रत, मासिक व्रत, पंचक तिथियाँ, आज की कौन सी आरती होती है, आज चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का समय क्या है और आज का सूर्योदय व सूर्योस्त का समय क्या है आदि। आप के ऐसे प्रश्न जैसे कि आज का पचांग क्या है?, आज का राहु काल समय क्या है?, आज कौन सी तिथि है, आज की तिथि क्या है?, अमावस्या कब की है?, एकादशी कब की है?, प्रदोष व्रत कब है?, काला अष्टमी व्रत कब है?, इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है?, संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पेज पर उपलब्ध है।

विक्रम संवत 2078

श्रवण कृष्ण पक्ष दशमी

मंगलवार, 03 अगस्त 2021

अष्ट दिकपालक (दशमी), भगवान कुबेर (एकादशी)
कृष्ण पक्ष दशमी दोपहर 12:59 बजे तक और उसके बाद एकादशी शुरू होगी।

आज का त्योहार : मंगला गौरी व्रत
 

सूर्योदय सूर्योदय 05.42 AM
सूर्यास्त सूर्यास्त 07.08 PM
चंद्रोदय चंद्रोदय 01:00 am
चंद्रास्त चंद्रास्त 03:07 pm
राहुकाल राहुकाल 03:49 pm
राहुकाल राहुकाल 05:30 pm
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

क्या है आज का शुभ समय ?

शुभ समय वह होता है जिसमें ग्रह और नक्षत्र मनुष्य के लिए अच्छे व फलदायक होता हैं। शुभ मुहूर्त के साथ किया गया कार्य बिना किसी रूकावट के सफल माना जाता है। जिसमें किसी भी कार्य करने का सही समय होता है। अधिक जानिए



कल की तिथि, कल की क्या तिथि है

श्रवण कृष्ण पक्ष एकादशी (कामिका एकादशी)

बुधवार, 04 अगस्त 2021

भगवान कुबेर (एकादशी), भगवान महा विष्णु (द्वादशी), कामिका एकादशी
कृष्ण पक्ष एकादशी सुबह 08:28 बजे तक और उसके बाद द्वादशी शुरू होगी।

आज का व्रत : रोहिणी व्रती

सूर्योदय सूर्योदय 05.42 AM
सूर्यास्त सूर्यास्त 07.07 PM
चंद्रोदय चंद्रोदय 01:40 am
चंद्रास्त चंद्रास्त 4:02 pm
राहुकाल राहुकाल 12:27
राहुकाल राहुकाल 02:08
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।

आने वाली पूर्णिमा, एकादशी, अमावस्या और अन्य व्रत तिथियां

कामिका एकादशी
बुधवार, 04 अगस्त 2021
एकादशी तिथि प्रारंभ: 03 अगस्त 2021 दोपहर 12:59 बजे
एकादशी तिथि समाप्ति : 04 अगस्त 2021 अपराह्न 03:17 बजे

हरियाली अमावस्या
रविवार, 8 अगस्त, 2021
अमावस्या प्रारंभ: 07 अगस्त 2021 07:11 9m . पर
अमावस्या समाप्ति : 08 अगस्त 2021 शाम 07:20 बजे

नारली पूर्णिमा, जंध्याल पूर्णिमा, श्रवण पूर्णिमा
शनिवार, 21 अगस्त 2021
पूर्णिमा प्रारंभ: शनिवार, 21 अगस्त 2021 को शाम 07:00 बजे
पूर्णिमा समाप्ति: रविवार, 22 अगस्त 2021 को शाम 05:31 बजे

प्रदोष व्रत
गुरुवार, 05 अगस्त, 2021
श्रवण, कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष व्रत प्रारंभ: 05 अगस्त 2021 शाम 05:09 बजे
प्रदोष व्रत समाप्त - 06 अगस्त 2021 को शाम 06:28 बजे

श्रावण, कृष्ण अष्टमी, काला अष्टमी व्रत
शनिवार, 31 जुलाई, 2021
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 31 जुलाई 2021 पूर्वाह्न 05:40 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 01 अगस्त 2021 पूर्वाह्न 07:56 बजे

सावन शिवरात्रि
शुक्रवार, 6 अगस्त, 2021।
शिवरात्रि प्रारंभ: 6 अगस्त 2021 शाम 06:28 बजे।
शिवरात्रि समाप्त: 07 अगस्त 2021 को शाम 07:11 बजे।

बहुला चतुर्थी, हरम्बा संकष्टी चतुर्थी
बुधवार, 25 अगस्त 2021,
चतुर्थी तिथि प्रारंभ - 25 अगस्त 2021 अपराह्न 04:18 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - 26 अगस्त 2021 शाम 05:13 बजे

अगस्त माह पंचक तिथियां
पंचक प्रारंभ: 22 अगस्त 2021, रविवार सुबह 07:57 बजे
पंचक समाप्ति: 26 अगस्त, 2021, गुरुवार रात 10:29 बजे

रोहिणी व्रत
मंगलवार, 3 अगस्त 2021
समय प्रारंभ: 02 अगस्त, 10:43 अपराह्न।
समय समाप्ति: अगस्त 04, 1:44 पूर्वाह्न।





आगामी त्यौहार

  • मंगला गौरी व्रत 2021
  • रोहिणी व्रत सूची 2021
  • कामिका एकादशी 2021
  • सावन शिवरात्रि 2021
  • हरियाली अमावस्या


2021 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार










पंचांग क्या होता है?

पंचांग मतलब पंच अंग जैसे तिथि, वार, योग, नक्षत्र, करण। इन्हीं से मिलकर ही शुभ योग का निर्माण होता है, जिसे हम मुहूर्त कहते हैं।

राहु काल क्या होता है?

राहुकालम को राहु की समय अवधि को कहा जाता है। यह वह समय होता है जिस राहु काल की अवधि को संदर्भित करता है। राहु काल प्रत्येक दिन में एक अशुभ समय अवधि को बताता है। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य करना अनुकूल नहीं माना जाता है।

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होता है?

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में बड़ते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। शुक्ल श्वेत या उज्ज्वल के लिए संस्कृत शब्द है। शुक्ल पक्ष 15 दिनों की अवधि है, जो अमावस्या के दिन से शुरू होती है और पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस पक्ष को शुभ माना जाता है।
कृष्ण पक्ष हिन्दू कैलेंडर में घटते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। कृष्ण अंधेरे के लिए संस्कृत शब्द है। कृष्ण पक्ष 15 दिनों की अवधि है

कौन-से पक्ष में शुभ कार्य करने चाहिए?

शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए

तिथि क्या होती है ?

जानिए हिंदू पंचांग और हिंदू पंचाग के अनुसार तिथि हिंदू कैलेंडर का मुख्य भाग है। यह हिंदू कैलेंडर के चंद्र कैलेंडर दिनों में से एक है। तिथि के आधार पर, सभी दिन, त्यौहार, जन्मदिन, मृत्यु वर्ष, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि निर्धारित किए जाते हैं। वेडिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन की तिथियां हैं। जिसमें अमावस्या और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आते हैं। पहली पंद्रह तिथियां शुक्ल पक्ष में शामिल हैं, जबकि अगले पंद्रह तीथ कृष्ण पक्ष में शामिल हैं। शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए। एक तिथि को पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चंद्रमा की 12 डिग्री झुकाव के साथ एक तिथि समाप्त होती है। एक तिथि के पाँच भाग होते हैं जिन्हें नन्दा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहते हैं।

आप इन्हें भी देख सकते हैं।


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