आज की तिथि (आज का दिन)

विक्रम संवत 2077 हिंदू तिथि:

आज सूर्योदय समय
आज सूर्यास्त का समय :
समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।


मई राशिफल

  • मेष - प्रयास से कार्य होंगे। परिवर्तन की स्थिति बनेगी। नौकरी में मान-सम्मान प्राप्त होगा एवं मनोकामना पूर्ण होगी। तारीख 8, 9, 17, 10, 18 व 19 को सावधनी बरतें।
  • वृष - कारोबार, नौकरी, व्यापार में कुछ परेशानी की सम्भावना है। स्वयं ही आपको स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। तारीख 10, 11, 20 व 21 को सतर्क रहें।
  • मिथुन - पूर्वार्ध में सफलता और शुभ समाचार प्राप्त होगा। उत्तरार्ध में व्यय और विरोधी परेशान कर सकते है। तारीख 12, 13, 14, 22, 23 व 24 को सर्त रहें।
  • कर्क - दिनचर्या सुखद परन्तु घरेलू एवं कारोबारी परेशानी आ सकती है। खर्चा बढ़ेगा और प्रयास से कार्य होंगे। तारीख 15, 16, 25 व 26 नेष्ट है।
  • सिंह - सरकारी कार्यो में सफलता की उम्मीद है। यात्रा में लाभ होगा। धैर्य आरैर चातुर्य से ही सफल रहेंगे। तारीख 1, 17, 18, 19, 27 व 28 को सर्तक रहें।
  • कन्या - कार्यों में विध्न-बाधायें परेशान कर सकती हैं। यात्रा लाभ देगी। विद्यार्थियों, प्रेमियों के लिए मास शुभ है। तारीख 2, 3, 20, 21, 29 व 30 को सचेत रहें।
  • तुला - किसी नई साझेदारी से दूर रहें। विरोधी परेशान करेंगे। यात्रा लाभ देगी। शुभ कार्य होगा। तारीख 4, 5, 22, 23 व 24 को सतर्क रहें।
  • वृश्चिक- कोई शुभ समाचार मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए मास अनुकूल है। बाधा के पश्चात् कार्य होंगे। तारीख 6, 7, 22, 25 व 26 को सचेत रहें।
  • धनु - संघर्ष के बाद सफलता और लाभ मिलेगा। निवेश से बचना श्रेयस्कर रहेगा। शत्रु परास्त होंगे। साझेदारी से दूर रहें। तारीख 1, 8, 9, 27 व 28 को सतर्क रहें।
  • मकर- आलस्य से कार्यों में मन कम ही लगेगा। व्यय की आधिकता परेशान कर सकती है। भाग्य साथ देगा। तारीख 2, 3, 10, 11, 29, 30 व 31 को सतर्क रहें।
  • कुभ्म- सेहत की परेशानी हो सकती है। वाद-विवाद से दूर रहना होगा। धन की कमी महसूस होगी। तारीख 4, 5, 12, 13 व 14 को सतर्क रहें।
  • मीन- अच्छा समाचार प्राप्त होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। आवास परिवर्तन की सम्भावना है। तारीख 6, 7, 15 व 16 को सचेत रहें।
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आज के दिन की तिथि क्या है? जानिए हिन्दू के कैलेण्डर व हिन्दू पंचाग के अनुसार। हिन्दू पंचांग का मुख्य अंग तिथि होती है। यह हिन्दू पंचांग का यह एक चन्द्रमास का एक दिन होता है। तिथि के आधार पर ही सभी वार, त्यौहार, जन्मदिवस, पुण्यतिथि, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि का निर्धारण होता है। वैदिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन तिथियां होती है। जिनमें अमवास्या व पूर्णिमा मास में एक बार ही आती हैं। पहले पंद्रह तिथियां को शुक्ल पक्ष में , जबकि अगले पंद्रह तीथों को कृष्ण पक्ष में शामिल किया जाता है। सभी शुभ काम शुक्ल पक्ष में करने चाहिए। एक तिथि तब पूर्ण मानी जाती है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चन्द्रमा के 12 डिग्री झुकाव के साथ, एक तिथि का समापन होता है। एक तिथि में पांच भाग होते हैं जिन्हें नंदा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहा जाता है।
शुक्ल पक्ष क्या है? ,
कृष्णपक्ष क्या है?

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