आज की तिथि (aaj ki tithi) और पंचांग 2024

चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा

मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

आज का व्रत और त्यौहार - हनुमान जयंती 2024 | चैत्र पूर्णिमा 2024 | मंगलवार व्रत और कथा

विक्रम संवत 2081

आज का दिन: चैत्र माह की पूर्णिमा पर भगवान राम की सेवा के उद्देश्य से भगवान शंकर के ग्यारहवें रुद्र ने अंजना के घर हनुमान के रूप में जन्म लिया था,  इसलिए यह त्योहार को वानरों के देव भगवान श्री हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

आज का पंचांग (aaj ka panchang)

मास चैत्र मास
पक्ष शुक्ल पक्ष
दिन मंगलवार
तिथि आज की तिथि शुक्ल पक्ष पूर्णिमा है।
पूर्णिमा अगले दिन प्रातः 05:18 बजे तक तथा उसके बाद प्रतिपदा प्रारम्भ हो जायेगी।
देव पूर्णिमा चंद्र देव, अग्नि प्रातिपदा
नक्षत्र चित्रा
योग वज्र
करण विष्टि
व्रत और त्यौहार हनुमान जयंती 2024 | चैत्र पूर्णिमा 2024 | मंगलवार व्रत और कथा

आज का सूर्योदय और चंद्रोदय समय

सूर्योदयसूर्योदय 05:47 AM
सूर्यास्तसूर्यास्त 06:51 PM
चंद्रोदयचंद्रोदय 06:24 PM
चंद्रास्तचंद्रास्त 05:14 AM
राहुकालराहुकाल 03:35 PM
राहुकालराहुकाल 05:13 PM
यह समय दिल्ली एनसीआर के अनुसार।


हिन्दू धर्म में तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। हिन्दू धर्म में तिथि, पंचाग और दिन के आधार पर ही कार्य किए जाते है। दिन की शुरूआत में सबसे पहले यह जाना जाता है कि आज की तिथि क्या है?, आज का हिन्दू पंचाग क्या है?, आज का दिन क्या है?, आज की तिथि और आज कौन सा दिन है?। आज का राहु काल समय क्या है?


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आज का अभिजीत मुहूर्त

सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य आने वाले 15 मुहूर्तों में से अभिजित मुहूर्त का क्रम आँठवा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक की समयावधि को 15 समान भागों में विभाजित किया जाता है जिसका मध्य भाग अभिजित मुहूर्त के नाम से जाना जाता है। अधिक जानिए


आज का होरा समय तालिका?

किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए ज्योतिषचार्य से परामर्श करना होता है। होरा तालिका द्वारा हम बिना ज्योतिषचार्य के, शुभ और अशुभ समय को जान सकते है। ज्योतिष शास्त्र ने इसके लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त की गणना के लिये होरा चक्र का निर्माण किया है। अधिक जानिए


आज का शुभ मुहूर्त

चौघड़िया एक हिंदी कैलेंडर जो कि विशेष रूप से हिंदू धर्म में प्रयोग किया जाता है, ताकि शुभ समय का पता चल सके जब कोई नया कार्य शुरू करना हो या महत्त्वपूर्ण काम करना हो।अधिक जानिए



आने वाली तिथियां

बुधवार, 24 अप्रैल 2024

प्रतिपदा तिथि पूरा दिन।

बुधवार व्रत और कथा

गुरुवार, 25 अप्रैल 2024

प्रतिपदा प्रातः 06:45 बजे तक तथा उसके बाद द्वितीया प्रारम्भ हो जायेगी।

बृहस्पतिवार व्रत और कथा

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2024

द्वितीया प्रातः 07:48 बजे तक तथा उसके बाद तृतीया प्रारम्भ हो जायेगी।

शुक्रवार व्रत और कथा

शनिवार, 27 अप्रैल 2024

तृतीया प्रातः 08:18 बजे तक तथा उसके बाद चतुर्थी प्रारम्भ हो जायेगी।

शनिवार व्रत, पूजा और कथा


वर्ष 2024 में आने वाली पूर्णिमा, एकादशी, अमावस्या और अन्य व्रत तिथियां













2024 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार









आज की तिथि से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर दा डिवाईन इंडिया के आज की तिथि के पेच पर मिल सकता है जैसे आज का त्यौहार और व्रत, त्योहार, व्रत, मासिक व्रत, पंचक तिथियाँ, आज की कौन सी आरती होती है, आज चन्द्रोदय व चन्द्रास्त का समय क्या है और आज का सूर्योदय व सूर्योस्त का समय क्या है आदि। आप के ऐसे प्रश्न जैसे कि आज का पचांग क्या है?, आज का राहु काल समय क्या है?, आज कौन सी तिथि है, आज की तिथि क्या है?, अमावस्या कब की है?, एकादशी कब की है?, प्रदोष व्रत कब है?, काला अष्टमी व्रत कब है?, इस महीने की मासिक शिवरात्रि कब है?, संकष्टी चतुर्थी व्रत कब है? इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पेज पर उपलब्ध है।


आज की क्या तिथि है हिन्दू पंचांग के अनुसार ?

विक्रम संवत 2081 के अनुसार आज चैत्र शुक्ल पक्ष है और आज की तिथि - मंगलवार, 23 अप्रैल 2024

पंचांग क्या होता है?

पंचांग मतलब पंच अंग जैसे तिथि, वार, योग, नक्षत्र, करण। इन्हीं से मिलकर ही शुभ योग का निर्माण होता है, जिसे हम मुहूर्त कहते हैं।

राहु काल क्या होता है?

राहुकालम को राहु की समय अवधि को कहा जाता है। यह वह समय होता है जिस राहु काल की अवधि को संदर्भित करता है। राहु काल प्रत्येक दिन में एक अशुभ समय अवधि को बताता है। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य करना अनुकूल नहीं माना जाता है।

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या होता है?

शुक्ल पक्ष हिन्दू कैलेंडर में बड़ते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। शुक्ल श्वेत या उज्ज्वल के लिए संस्कृत शब्द है। शुक्ल पक्ष 15 दिनों की अवधि है, जो अमावस्या के दिन से शुरू होती है और पूर्णिमा के दिन समाप्त होती है। इस पक्ष को शुभ माना जाता है।
कृष्ण पक्ष हिन्दू कैलेंडर में घटते हुए चन्द्रमा को कहा जाता है। कृष्ण अंधेरे के लिए संस्कृत शब्द है। कृष्ण पक्ष 15 दिनों की अवधि है

कौन-से पक्ष में शुभ कार्य करने चाहिए?

शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए

तिथि क्या होती है ?

जानिए हिंदू पंचांग और हिंदू पंचाग के अनुसार तिथि हिंदू कैलेंडर का मुख्य भाग है। यह हिंदू कैलेंडर के चंद्र कैलेंडर दिनों में से एक है। तिथि के आधार पर, सभी दिन, त्यौहार, जन्मदिन, मृत्यु वर्ष, शुभ दिन, अशुभ दिन आदि निर्धारित किए जाते हैं। वेडिन ज्योतिष में परिभाषित एक महीने में कुल 30 दिन की तिथियां हैं। जिसमें अमावस्या और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आते हैं। पहली पंद्रह तिथियां शुक्ल पक्ष में शामिल हैं, जबकि अगले पंद्रह तीथ कृष्ण पक्ष में शामिल हैं। शुक्ल पक्ष में सभी शुभ कार्य करने चाहिए। एक तिथि को पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री पर स्थित होता है। चंद्रमा की 12 डिग्री झुकाव के साथ एक तिथि समाप्त होती है। एक तिथि के पाँच भाग होते हैं जिन्हें नन्दा, भद्रा, रिक्ता, जया और पूर्णा कहते हैं।


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