हरिद्वार: चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ता नजर आ रहा है। हरिद्वार के विभिन्न पंजीकरण केंद्रों पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले यात्रियों की संख्या 25,000 के पार पहुँच गई है। यात्रियों के इस भारी हुजूम और बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।
जैसे-जैसे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद दिनों की संख्या बढ़ रही है, हरिद्वार और ऋषिकेश में यात्रियों की भीड़ भी अनियंत्रित होती जा रही है। मुख्य पंजीकरण केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही प्रतिदिन के स्लॉट अलॉट किए जा रहे हैं।
यात्रियों को भीषण गर्मी और भीड़ के कारण होने वाली असुविधा से बचाने के लिए शासन ने ₹300 करोड़ का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। इस बजट का मुख्य उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:
अस्थायी रैन बसेरे (Shelters): हरिद्वार और यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर अतिरिक्त टेंट सिटी और रैन बसेरे बनाए जा रहे हैं ताकि रात में रुकने वाले यात्रियों को खुले में न सोना पड़े।
पेयजल की सुविधा: गर्मी के प्रकोप (Heatwave) को देखते हुए यात्रा मार्ग पर हर 500 मीटर पर ठंडे पानी की मशीनें और वॉटर टैंक स्थापित किए जा रहे हैं।
स्वच्छता और मोबाइल टॉयलेट: बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए मोबाइल टॉयलेट्स और सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
जिलाधिकारी ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपना पंजीकरण नंबर और स्लॉट कन्फर्म होने के बाद ही ऋषिकेश से आगे की यात्रा शुरू करें। हरिद्वार में बढ़ते दबाव को देखते हुए अब कई अन्य जगहों पर भी क्यूआर कोड आधारित वेरिफिकेशन पॉइंट्स बढ़ाए गए हैं।
"यदि आप हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कतार में हैं, तो अपने साथ छाता और पानी की बोतल जरूर रखें। भीड़ को देखते हुए टोकन मिलने में 4 से 6 घंटे का समय लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।"