लक्ष्मी-नारायण योग: वैशाख मास और शुक्रवार का अद्भुत संगम; आज 'श्री सूक्त' के पाठ से बरसेगी विशेष कृपा

लक्ष्मी-नारायण योग: वैशाख मास और शुक्रवार का अद्भुत संगम; आज 'श्री सूक्त' के पाठ से बरसेगी विशेष कृपा

नई दिल्ली: आज 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग लेकर आया है। वर्तमान में वैशाख का पावन महीना चल रहा है, जो जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। वहीं, आज शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और सुखों की देवी माँ लक्ष्मी का दिन है।

जब विष्णु भक्ति के महीने में लक्ष्मी जी का दिन आता है, तो इसे ज्योतिष की भाषा में 'लक्ष्मी-नारायण योग' के समान फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन की गई आराधना घर में कभी धन और धान्य की कमी नहीं होने देती।

श्री सूक्त का पाठ: क्यों है यह अमोघ?

ऋग्वेद में वर्णित 'श्री सूक्त' माँ लक्ष्मी की स्तुति का सबसे शक्तिशाली स्रोत माना जाता है। आज के दिन इसका पाठ करने के विशेष लाभ यहाँ दिए गए हैं:

  1. दरिद्रता का नाश: यदि लंबे समय से आर्थिक तंगी चल रही है, तो आज शाम श्री सूक्त का पाठ करने से आय के नए स्रोत खुलते हैं।

  2. सुख-शांति का वास: वैशाख मास की ऊर्जा और लक्ष्मी जी की कृपा मिलकर घर के कलह को शांत करती है और सकारात्मकता लाती है।

  3. कर्ज से मुक्ति: इस विशेष संयोग में श्री सूक्त का सस्वर पाठ व्यक्ति को पुराने ऋणों से मुक्त करने में सहायक होता है।

आज शाम की विशेष पूजा विधि (Step-by-Step):

  • समय: आज शाम प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) पूजा करना सर्वश्रेष्ठ है।

  • तैयारी: भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की संयुक्त प्रतिमा के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। उन्हें लाल फूल और सफेद मिठाई (जैसे खीर या बर्फी) अर्पित करें।

  • पाठ: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके 'श्री सूक्त' का पाठ करें। यदि संस्कृत पढ़ने में कठिनाई हो, तो इसका हिंदी अनुवाद भी पढ़ा जा सकता है या इसे श्रवण (Listen) भी कर सकते हैं।

  • मंत्र जाप: पाठ के बाद "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः" मंत्र का जाप करें।

आज का विशेष दान (Charity Tip):

वैशाख मास में दान का बहुत महत्व है। आज शुक्रवार को किसी सौभाग्यवती महिला को सफेद वस्तु (जैसे चावल, दूध या चीनी) का दान करना आपके भाग्य को चमका सकता है।









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