उत्तरकाशी: अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और हिमालय की चोटियों को करीब से निहारना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का "दायरा बुग्याल" (Dayara Bugyal) आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। 'बुग्याल' का अर्थ होता है 'ऊंचाई पर स्थित घास के मैदान'। 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह ट्रेक न केवल शुरुआती (Beginners) के लिए आसान है, बल्कि अनुभवी ट्रेकर्स को भी अपनी सुंदरता से मंत्रमुग्ध कर देता है।
मखमली मर्ग (Meadows): लगभग 28 वर्ग किलोमीटर में फैला यह क्षेत्र गर्मियों में हरे-भरे मखमली कालीन जैसा दिखता है और सर्दियों में पूरी तरह सफेद बर्फ की चादर ओढ़ लेता है।
हिमालयन दर्शन: यहाँ से आपको बंदरपूँछ, काला नाग, श्रीकंठ, और गंगोत्री रेंज की ऊंची चोटियों का 360-डिग्री व्यू मिलता है।
ओक और देवदार के जंगल: ट्रेक के दौरान आप घने जंगलों से होकर गुजरते हैं, जहाँ पक्षियों की चहचहाहट और ताजी हवा आपका स्वागत करती है।
ऊंचाई: 3,408 मीटर (लगभग 11,181 फीट)।
दूरी: लगभग 20-22 किमी (आना-जाना)।
समय: 4 से 5 दिन (देहरादून से देहरादून)।
कठिनाई का स्तर: आसान से मध्यम (Easy to Moderate)।
बेस कैंप: रैथल (Raithal) या बारसू (Barsu) गाँव।
गर्मियों में (अप्रैल से जून): यदि आप हरी घास और खिले हुए बुरांश के फूल देखना चाहते हैं, तो यह समय सबसे अच्छा है। अप्रैल के मौसम (अप्रैल) में यहाँ की हरियाली देखते ही बनती है।
सर्दियों में (दिसंबर से मार्च): यदि आपको स्कीइंग (Skiing) और भारी बर्फबारी पसंद है, तो सर्दियों में यहाँ का नजारा 'स्विट्जरलैंड' जैसा लगता है।
मानसून: जुलाई-अगस्त में यहाँ अत्यधिक हरियाली होती है, लेकिन रास्तों में फिसलन के कारण सावधानी बरतनी पड़ती है।
हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा देहरादून (जॉली ग्रांट) है।
रेल मार्ग: ऋषिकेश या देहरादून रेलवे स्टेशन सबसे पास हैं।
सड़क मार्ग: देहरादून से उत्तरकाशी होते हुए आप 'रैथल' गाँव पहुँच सकते हैं (लगभग 180 किमी), जहाँ से पैदल ट्रेक शुरू होता है।