अयोध्या, 23 जनवरी 2026: राम नगरी अयोध्या में आज भी उत्सव जैसा माहौल है। कल रात सरयू के तट और राम पथ पर हुए भव्य दीपोत्सव के बाद आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही है। कल की तारीख (22 जनवरी) का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि इस खास अवसर पर प्रभु राम को एक विशेष भेंट अर्पित की गई।
प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर ओडिशा के राउरकेला से आई एक भव्य शोभायात्रा अयोध्या पहुंची।
विशेष भेंट: पंचधातु (सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहा) से निर्मित 286 किलोग्राम वजनी विशाल 'कोदंड' धनुष राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया।
निर्माण: इस दिव्य धनुष को तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने करीब 8 महीने की कड़ी मेहनत से तैयार किया है, जो नारी शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम है।
सप्ताहांत (Weekend) और वर्षगांठ के कारण अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल आया है:
दर्शन का समय: भक्तों की लंबी कतारों को देखते हुए दर्शन की अवधि को सुचारू रखा गया है। आम दिनों की तुलना में भीड़ 30-40% अधिक है।
क्राउड कंट्रोल: पुलिस और सुरक्षा बलों ने राम पथ और जन्मभूमि पथ पर 'होल्डिंग एरिया' बनाए हैं ताकि कहीं भी भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
VIP मूवमेंट: कल उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के नेतृत्व में पीठासीन अधिकारियों के दल ने भी दर्शन किए, जिसके बाद आज व्यवस्थाएं फिर से सामान्य श्रद्धालुओं के लिए खोल दी गई हैं।
इन दो सालों में अयोध्या केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बन चुकी है:
श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड: पिछले एक साल (2025) में अयोध्या ने रिकॉर्ड बनाया और उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पर्यटन स्थल बन गया (करीब 23 करोड़ श्रद्धालु)।
सुविधाएं: महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट और आधुनिक रेलवे स्टेशन के कारण अब रोजाना 1.5 से 2 लाख लोग आसानी से दर्शन कर पा रहे हैं।