कंबोडिया: अंकोरवाट मंदिर में शुरू हुआ 'वैदिक संस्कृति महोत्सव' - हजारों अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का जमावड़ा

कंबोडिया: अंकोरवाट मंदिर में शुरू हुआ 'वैदिक संस्कृति महोत्सव' - हजारों अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का जमावड़ा

सीम रीप (कंबोडिया), 9 जनवरी 2026: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक परिसर और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, अंकोरवाट में आज से पांच दिवसीय 'वैदिक संस्कृति महोत्सव' (Vedic Culture Festival) का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव प्राचीन खमेर साम्राज्य और भारतीय वैदिक संस्कृति के सहस्राब्दियों पुराने संबंधों का उत्सव है। आज सुबह सूर्योदय के समय मंदिर के मुख्य प्रांगण में 108 अंतरराष्ट्रीय पुजारियों द्वारा किए गए विशेष शांति पाठ के साथ इस उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई।

भारत और कंबोडिया के सांस्कृतिक सेतु का संगम

यह महोत्सव कंबोडिया के पर्यटन मंत्रालय और वैश्विक सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसके प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  1. रामायण नृत्य नाटिका: खमेर शैली में 'रामायण' (जिसे कंबोडिया में रीमकर कहा जाता है) की एक भव्य प्रस्तुति दी गई। इसमें कलाकारों ने पारंपरिक सुनहरे परिधान पहनकर भगवान राम और रावण के युद्ध का जीवंत प्रदर्शन किया।

  2. वैदिक मंत्रोच्चार और खमेर बौद्ध परंपरा: महोत्सव के दौरान भारतीय वैदिक विद्वानों और कंबोडियाई बौद्ध भिक्षुओं द्वारा संयुक्त रूप से 'विश्व शांति प्रार्थना' की गई, जो दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है।

  3. स्थापत्य कला प्रदर्शनी: मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए 'समुद्र मंथन' और महाभारत के दृश्यों के अर्थ को समझाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा 'हेरिटेज वॉक' का आयोजन किया गया है।

वैश्विक पर्यटन और कंबोडिया की अर्थव्यवस्था

इस आयोजन के कारण सीम रीप शहर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी गई है।

  • पर्यटकों का आगमन: भारत, अमेरिका, फ्रांस और थाईलैंड से आए हजारों श्रद्धालु और इतिहास प्रेमी इस उत्सव का हिस्सा बने हैं।

  • आर्थिक महत्व: कंबोडिया सरकार के अनुसार, यह महोत्सव दक्षिण-पूर्वी एशिया में 'धार्मिक पर्यटन' (Religious Tourism) को एक नई दिशा देगा और अंकोरवाट को हिंदू और बौद्ध धर्म के साझा केंद्र के रूप में वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा।



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