मासिक कार्तिगाई नक्षत्रम 2026: जानिए पूरे वर्ष की तिथियां और कार्तिगाई दीपम का महत्व

महत्वपूर्ण जानकारी

  • मासिक कार्तिगै नक्षत्रम्
  • रविवार, 12 जुलाई 2026

धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से दक्षिण भारत में मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) का बहुत बड़ा महत्व है। यह पवित्र दिन भगवान मुरुगन (कार्तिकेय जी) के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। हर महीने जब कार्तिगाई नक्षत्र आता है, तो भक्त व्रत रखते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

यदि आप वर्ष 2026 में कार्तिगाई नक्षत्रम की सटीक तिथियां और शुभ मुहूर्त ढूंढ रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। यहाँ ड्रिक पंचांग के अनुसार पूरे साल का सही कैलेंडर दिया गया है।

अगली मासिक कार्तिगाई कब है? (Next Masik Karthigai Date)

वर्ष 2026 में आने वाली अगली मुख्य कार्तिगाई तिथियों पर भक्तों की विशेष नज़र रहती है। इस साल का सबसे बड़ा उत्सव कार्तिगाई दीपम (Karthigai Deepam) वर्ष के अंत में नवंबर के महीने में मनाया जाएगा।

📅 वर्ष 2026 मासिक कार्तिगाई नक्षत्र कैलेंडर (सटीक तिथियां)

मोबाइल पर पूरी तालिका देखने के लिए इसे बाएं-दाएं (Left-Right) स्क्रॉल करें:

महीनाकार्तिगाई नक्षत्र की सही तिथि और दिनविशेष महत्व
महीना :जनवरी 2026तारीख :02 जनवरी, शुक्रवार और 29 जनवरी, गुरुवारमहत्व :जनवरी में दो बार यह नक्षत्र आ रहा है
महीना :फरवरी 2026तारीख :25 फरवरी, बुधवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :मार्च 2026तारीख :25 मार्च, बुधवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :अप्रैल 2026तारीख :21 अप्रैल, मंगलवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :मई 2026तारीख :18 मई, सोमवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :जून 2026तारीख :15 जून, सोमवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :जुलाई 2026तारीख :12 जुलाई, रविवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :अगस्त 2026तारीख :08 अगस्त, शनिवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :सितंबर 2026तारीख :05 सितंबर, शनिवारमहत्व :मासिक कार्तिगाई
महीना :अक्टूबर 2026तारीख :02 अक्टूबर, शुक्रवार और 29 अक्टूबर, गुरुवारमहत्व :अक्टूबर में भी दो बार यह योग बन रहा है
महीना :नवंबर 2026तारीख :25 नवंबर, बुधवारमहत्व :कार्तिगाई दीपम ( महा त्योहार)
महीना :दिसंबर 2026तारीख :23 दिसंबर, बुधवारमहत्व :वर्ष का अंतिम कार्तिगाई व्रत

कार्तिगाई दीपम 2026 का महत्व 

यूं तो हर महीने का कार्तिगाई नक्षत्र महत्वपूर्ण है, लेकिन तमिल कार्तिक मास में आने वाला कार्तिगाई दीपम (25 नवंबर 2026) सबसे मुख्य माना जाता है।

  • इस दिन तिरुवन्नामलाई पहाड़ी पर विशाल दीप जलाया जाता है, जिसे अन्नामलाईयार महादीपम कहते हैं।

  • पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने ब्रह्मा जी और विष्णु जी के अहंकार को शांत करने के लिए स्वयं को अंतहीन अग्नि स्तंभ (ज्योतिर्लिंग) के रूप में प्रकट किया था।

  • भक्त इस दिन अपने घरों और मंदिरों को मिट्टी के दीयों (गलूंतू) से सजाते हैं।

मासिक कार्तिगाई व्रत की सरल पूजा विधि

यदि आप भगवान मुरुगन की कृपा पाने के लिए यह व्रत रखना चाहते हैं, तो इस बेहद सरल विधि का पालन कर सकते हैं:

  1. प्रातः काल स्नान: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।

  2. मुरुगन जी का ध्यान: भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की मूर्ति या चित्र के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं।

  3. व्रत का नियम: इस दिन भक्त मुख्य रूप से उपवास रखते हैं। यदि संभव न हो, तो एक समय फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

  4. शाम की पूजा: शाम के समय घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर मिट्टी के दीये जलाएं और मुरुगन मंत्रों का जाप करें।




प्रश्न और उत्तर


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


कार्तिकाई नक्षत्र पर मुख्य रूप से किस देवता की पूजा की जाती है?

यह पवित्र दिन पूरी तरह से भगवान शिव के पुत्र भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित है। इसके अलावा, इस दिन भगवान शिव की पूजा ब्रह्मांडीय प्रकाश (कॉस्मिक लाइट) के रूप में भी की जाती है।


साल 2026 में मुख्य कार्तिगाई दीपम कब है?

साल 2026 में मुख्य कार्तिगाई दीपम का त्योहार 25 नवंबर, बुधवार को पूरे पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा।


क्या इस व्रत में नमक का सेवन किया जा सकता है?

पूर्ण उपवास रखने वाले लोग इस दिन नमक का सेवन नहीं करते हैं। यदि आप फलाहार कर रहे हैं, तो शाम की पूजा के बाद सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं।





2026 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार












ENहिं