देवों के देव महादेव को 'भोलेनाथ' कहा जाता है क्योंकि वे केवल एक लोटा जल और भाव से प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, शिवलिंग की पूजा के कुछ विशेष और कड़े नियम बताए गए हैं। शिवलिंग को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है, इसलिए अनजाने में चढ़ाई गई कुछ चीजें पूजा के फल को निष्फल कर सकती हैं और महादेव को अप्रसन्न कर सकती हैं।
इस साल सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में पूजा का पूरा पुण्य फल पाने के लिए आइए जानते हैं कि शिवलिंग पर क्या चढ़ाना अमृत के समान है और किन चीजों को चढ़ाना सख्त मना है।
भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी जी पूर्व जन्म में वृंदा थीं और उनके पति जालंधर का वध भगवान शिव ने किया था। इसलिए महादेव की पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाया जाता।
शिवलिंग पर कभी भी सिंदूर या कुमकुम नहीं लगाना चाहिए। सिंदूर को सौभाग्य और स्त्री से जुड़ा आभूषण माना जाता है, जबकि महादेव वैरागी और भस्मधारी हैं। शिवलिंग पर केवल चंदन का त्रिपुंड लगाना चाहिए।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा में शंख का विशेष महत्व है, लेकिन शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित है। मान्यता है कि महादेव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध अपने त्रिशूल से किया था, जो शंख का रूप था। इसलिए शिव पूजा में शंख का इस्तेमाल नहीं होता।
हल्दी का उपयोग सौंदर्य बढ़ाने के लिए किया जाता है और शास्त्रों में इसे स्त्री तत्व से संबंधित माना गया है। चूंकि शिवलिंग पुरुष तत्व (शिव) का प्रतीक है, इसलिए शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती। हालांकि, माता पार्वती की मूर्ति पर आप हल्दी चढ़ा सकते हैं।
महादेव की पूजा में रंग-बिरंगे फूल चढ़ते हैं, लेकिन केतकी का फूल चढ़ाना सख्त मना है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, केतकी के फूल ने ब्रह्मा जी के एक झूठ में उनका साथ दिया था, जिससे क्रोधित होकर शिव जी ने इसे अपनी पूजा से बहिष्कृत कर दिया था।
अगर आप सावन में भोलेनाथ की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो शिवलिंग पर इन चीजों को अवश्य अर्पित करें:
जल और गंगाजल: एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल या गंगाजल भरकर शिवलिंग पर पतली धार से चढ़ाएं।
बेलपत्र (Bilva Leaves): तीन पत्तियों वाला अखंडित (कहीं से कटा-फटा न हो) बेलपत्र शिवलिंग पर चिकने हिस्से की तरफ से अर्पित करें।
धतूरा और भांग: महादेव को धतूरा और भांग बेहद प्रिय हैं, यह उनके मस्तिष्क को शीतलता प्रदान करते हैं।
शमी पत्र (Shami Leaves): यदि बेलपत्र न मिले, तो शमी के पत्ते चढ़ाने से भी शिव जी उतने ही प्रसन्न होते हैं और शनि दोष दूर होता है।
अक्षत (Unbroken Rice): शिवलिंग पर बिना टूटे हुए साफ चावल (अक्षत) चढ़ाने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।
गाय का कच्चा दूध: सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर गाय का कच्चा और ठंडा दूध अर्पित करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।
भोलेनाथ बहुत सीधे हैं, वे केवल सच्चे भाव के भूखे हैं। लेकिन नियम-कायदों का पालन करना हमारी भक्ति को और अनुशासित बनाता है। इस सावन जब आप मंदिर जाएं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें ताकि आपकी पूजा सीधे महादेव तक पहुंचे। हर हर महादेव!