नई दिल्ली/उज्जैन: आज 24 मार्च 2026, मंगलवार को चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है। आज का दिन आदि-शक्ति के सबसे पराक्रमी स्वरूप माँ कात्यायनी को समर्पित है। स्वर्ण के समान चमकीली आभा वाली माँ कात्यायनी ने ही महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी।
लेकिन माँ का यह स्वरूप केवल शत्रुओं के विनाश के लिए ही नहीं, बल्कि शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए भी अचूक माना जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में ब्रज की गोपियों ने भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए यमुना तट पर माँ कात्यायनी की ही पूजा की थी। तब से यह परंपरा चली आ रही है कि यदि किसी कन्या के विवाह में अड़चनें आ रही हों या कुंडली में 'मंगनी' के बाद बात टूट जाती हो, तो छठे दिन की पूजा "रामबाण" सिद्ध होती है।
यदि विवाह में विलंब हो रहा है, तो आज शाम गोधूलि वेला (सूर्यास्त के समय) माँ के सामने दीपक जलाकर इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
मंत्र: "कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नंद गोप सुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥"
विधि: मंत्र जप के समय लाल रंग के वस्त्र धारण करें और माँ को शहद अर्पित करें।
लाभ: वैवाहिक बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
शुभ रंग (Red): आज लाल (Red) रंग के वस्त्र पहनें। यह शक्ति, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। चूंकि आज मंगलवार भी है, इसलिए लाल रंग हनुमान जी की कृपा भी दिलाएगा।
प्रिय भोग (Honey): माँ कात्यायनी को शहद (Honey) का भोग अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इससे साधक के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है और वाणी में मधुरता आती है।
विशेष भेंट: आज माँ को पीले या लाल रंग के पुष्प (विशेषकर गुलाब) अर्पित करना शुभ होता है।