नई दिल्ली, 24 जनवरी 2026: देश के 77वें गणतंत्र दिवस के स्वागत के लिए राजधानी दिल्ली पूरी तरह सज चुकी है। आज से लाल किले के प्राचीर के सामने 'भारत पर्व' (Bharat Parv 2026) की शुरुआत हो गई है, जहाँ पूरा भारत एक साथ सिमटा हुआ नजर आ रहा है।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित यह पर्व 26 जनवरी से 31 जनवरी तक चलेगा, लेकिन इसकी तैयारियां और प्री-इवेंट उत्साह आज से ही देखा जा रहा है।
क्या है खास: यहाँ आपको देशभर के लजीज व्यंजन (Pan-India Food Court), हस्तशिल्प और हथकरघा (Handicraft Bazaar) के साथ-साथ राज्यों की झांकियों के दर्शन भी होंगे।
एंट्री और समय: आम जनता के लिए इसमें प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है। शाम के समय लाइटों से जगमगाता लाल किला और सेना के बैंड की धुनें मुख्य आकर्षण होंगी।
डिजिटल शक्ति: इस बार 'डिजिटल इंडिया' का एक विशेष मंडप भी लगाया गया है, जो भारत की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित कर रहा है।
इस साल की परेड का मुख्य विषय (Theme) बेहद खास है: 'स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम' और 'समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत'।
मुख्य अतिथि: इस वर्ष परेड में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे।
30 झांकियां: कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकलेंगी, जिनमें 17 राज्यों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की झलक दिखेगी।
उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की संस्कृति को दर्शाएगा।
पंजाब: श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष को समर्पित।
ओडिशा: 'सॉइल टू सिलिकॉन' थीम पर अपनी तकनीकी शक्ति दिखाएगा।
बैटल ऐरे (Battle Array): भारतीय सेना पहली बार 'फेज्ड बैटल ऐरे' फॉर्मेट का प्रदर्शन करेगी, जो सैन्य शक्ति का एक नया अनुभव होगा।
परेड का समय: परेड सुबह 09:30 बजे शुरू होगी।
टिकट और ऐप: परेड के टिकट 'आमंत्रण पोर्टल' (Amantran Portal) से लिए जा सकते हैं। ट्रैफिक और पार्किंग की जानकारी के लिए 'राष्ट्रपर्व' ऐप लॉन्च किया गया है।
सुरक्षा: दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, विशेष रूप से इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास के रास्तों में बदलाव किया गया है।