

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में इस वर्ष की मकर संक्रांति (14 जनवरी) ऐतिहासिक होने जा रही है। राम मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली मकर संक्रांति है, जिसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बड़े उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रहा है।
उत्सव को भव्य बनाने के लिए पूरे मंदिर परिसर को देश-विदेश के दुर्लभ और सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर की नक्काशीदार दीवारों और स्तंभों पर फूलों की विशेष कलाकृतियां उकेरी जाएंगी। भक्तों के स्वागत के लिए मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक फूलों की कालीन बिछाई जाएगी।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रभु श्री रामलला सरकार का विशेष श्रृंगार किया जाएगा:
नए वस्त्र: रामलला इस दिन विशेष रूप से तैयार किए गए हाथ से बुने हुए सिल्क के वस्त्र धारण करेंगे, जिन पर सोने और चांदी के तारों से नक्काशी की गई होगी।
विशेष भोग: संक्रांति के अवसर पर भगवान को तिल और गुड़ से बने व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जाएगा। अयोध्या की परंपरा के अनुसार, खिचड़ी का भोग भी मुख्य आकर्षण रहेगा।
मकर संक्रांति पर लाखों की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है:
दर्शन का समय: भक्तों की भारी संख्या को देखते हुए दर्शन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
सुरक्षा और सुविधा: श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह 'होल्डिंग एरिया', पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: अयोध्या के विभिन्न घाटों और मठ-मंदिरों में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या के बढ़ते सांस्कृतिक गौरव को भी दर्शाता है।