सबरीमाला 2026: मकरज्योति दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की घर वापसी का सिलसिला तेज; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सबरीमाला 2026: मकरज्योति दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की घर वापसी का सिलसिला तेज; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सन्निधानम, 16 जनवरी 2026: बुधवार शाम को मकरज्योति के दिव्य दर्शन के बाद, आज सबरीमाला पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी वापसी देखी जा रही है। हालाँकि उत्सव का चरम बीत चुका है, लेकिन वातावरण अभी भी आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है क्योंकि तीर्थयात्री अपनी 41 दिनों की कठिन 'व्रतम्' को पूर्ण कर पहाड़ियों से अपनी चुनौतीपूर्ण उतरवाई (Descent) शुरू कर रहे हैं।

मकरज्योति दर्शन (14 जनवरी का सारांश)

बुधवार, 14 जनवरी को लगभग शाम 6:45 बजे, जैसे ही क्षितिज पर दिव्य तारा (मकर ज्योति) दिखाई दिया और पोन्नमबलमेडु में तीन बार पवित्र दीप (मकर विलक्कू) प्रज्वलित किया गया, सन्निधानम और आसपास की पहाड़ियों पर जमा हजारों भक्त "स्वामीये शरणम अयप्पा" के उद्घोष से झूम उठे। यह दिव्य घटना पंडालम पैलेस से 'थिरुवाभरणम' (पवित्र आभूषणों) के आगमन के बाद हुई।

वापसी यात्रा का प्रबंधन: वर्तमान स्थिति

आज, 16 जनवरी को ध्यान अनुष्ठानों से हटकर लॉजिस्टिक्स (परिवहन प्रबंधन) पर केंद्रित हो गया है। केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) और दक्षिण रेलवे ने अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए विशेष सेवाएं तैनात की हैं:

  • परिवहन में बढ़ोत्तरी: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी की सुविधा के लिए पंबा, निलक्कल और चेंगन्नूर से 300 से अधिक विशेष ट्रेनें और सैकड़ों अतिरिक्त बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

  • यातायात नियंत्रण: उतरते समय भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए पुलिस और वन विभाग के अधिकारी ट्रेकिंग पथों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

  • आगामी अनुष्ठान: भले ही कई लोग वापस जा रहे हैं, लेकिन मंदिर अभी कुछ और दिनों के लिए खुला है। मणिकप्पुरम जुलूस 18 जनवरी तक जारी रहेगा और मंदिर आधिकारिक तौर पर 20 जनवरी 2026 को अंतिम 'गुरुथी पूजा' के बाद बंद होगा।

ऐतिहासिक राजस्व और श्रद्धालुओं की संख्या

त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) की प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि 2025-26 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ रहा है:

  • श्रद्धालु: इस सीजन में अब तक 51 लाख (5.1 Million) से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर के दर्शन किए।

  • राजस्व: मंदिर ने ₹429 करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक राजस्व दर्ज किया है (12 जनवरी तक के आंकड़े), जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।



प्रश्न और उत्तर



आप इन्हें भी पढ़ सकते हैं




2026 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार











Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

EN हिं