प्रयागराज, 15 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी प्रयागराज में आज मकर संक्रांति के दूसरे और मुख्य स्नान पर्व पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कल दोपहर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद, आज 'उदया तिथि' के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम की पवित्र धारा में डुबकी लगा रहे हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष संक्रांति का मुख्य पुण्य काल आज ही माना जा रहा है:
स्नान मुहूर्त: 15 जनवरी की सुबह 04:00 AM से दोपहर 03:00 PM तक।
ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सुबह 05:27 AM से 06:21 AM तक (सर्वाधिक फलदायी)।
विशेष महत्व: आज के दिन गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने से 'अक्षय पुण्य' की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति को 'दान का पर्व' भी कहा जाता है। संगम तट पर स्नान के बाद श्रद्धालु अपनी क्षमता अनुसार दान कर रहे हैं:
तिल का दान: आज काला तिल दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
खिचड़ी भोज: मेला क्षेत्र में जगह-जगह 'खिचड़ी' का प्रसाद वितरित किया जा रहा है। माना जाता है कि आज के दिन चावल, दाल और सब्जियों से बनी खिचड़ी खिलाने से अन्नपूर्णा देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ऊनी वस्त्र और कंबल: कड़ाके की ठंड को देखते हुए दानियों द्वारा जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े भी बांटे जा रहे हैं।
मेला प्रशासन के अनुसार, आज भीड़ 1.5 करोड़ के आंकड़े को छू सकती है:
सुरक्षा चक्र: संगम क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, जल पुलिस, और SDRF के जवान तैनात हैं। ड्रोन और CCTV कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
ट्रैफिक डायवर्जन: प्रयागराज शहर में भारी वाहनों का प्रवेश 19 जनवरी तक प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र के पास ही विशाल पार्किंग जोन बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य सुविधा: घने कोहरे को देखते हुए घाटों पर विशेष सर्च लाइट और मेडिकल कैंप्स को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।