2026 की पंचक तिथि व समय

महत्वपूर्ण जानकारी

  • मार्च में पंचक तिथि
  • पंचक शुरू: सोमवार, 16 मार्च 2026, शाम 06:14 बजे
  • पंचक खत्म: शनिवार, 21 मार्च 2026, सुबह 02:27 बजे

पंचक हिंदू ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो चंद्रमा की गति और नक्षत्रों के अनुसार तय होती है। जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहता है, उस समय की अवधि को "पंचक" कहा जाता है। यह समय हर महीने में लगभग 5 दिनों तक चलता है। पंचक को शुभ और अशुभ कार्यों के लिए विचार करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

पंचक तिथि का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

पंचक का मुख्य आधार नक्षत्र होते हैं। यह पांच नक्षत्रों को मिलाकर बनता है:

  1. धनिष्ठा
  2. शतभिषा
  3. पूर्वाभाद्रपद
  4. उत्तराभाद्रपद
  5. रेवती

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक में कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह समय शुभता के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।

पंचक में वर्जित कार्य

पंचक तिथि के दौरान कुछ कार्य अशुभ माने जाते हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. घरेलू कार्य: घर की छत डालने, निर्माण कार्य, या घर में कोई बड़ा बदलाव करने से बचना चाहिए।
  2. दहन कार्य: पंचक में शव का दाह संस्कार करना अशुभ माना जाता है। यदि ऐसा करना आवश्यक हो, तो विशेष पूजन और उपाय करने की सलाह दी जाती है।
  3. भंडारण: लकड़ी, अनाज, या ईंधन का भंडारण पंचक के दौरान अशुभ माना जाता है।
  4. यात्रा: खासकर दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

पंचक में क्या करें?

हालांकि पंचक को अशुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, लेकिन यह समय भक्ति, ध्यान और ईश्वर आराधना के लिए उपयुक्त होता है।

  1. धार्मिक कार्य: पूजा-पाठ, मंत्र जाप, और भजन-कीर्तन करना लाभकारी होता है।
  2. दान-पुण्य: इस समय दान करना शुभ माना जाता है।
  3. ध्यान और साधना: पंचक का समय आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए उत्तम होता है।

पंचक के दौरान उपाय

यदि पंचक में कोई कार्य करना अत्यावश्यक हो, तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं:

  1. शुभ मंत्रों का जाप करें।
  2. हवन और पूजा का आयोजन करें।
  3. भगवान शिव, विष्णु, या हनुमान जी की आराधना करें।
  4. आवश्यक कार्य को आरंभ करने से पहले किसी विद्वान पंडित से परामर्श लें।

पंचक तिथि समय 2026

पंचक हमें यह सिखाता है कि हर समय का अपना एक महत्व होता है। यह समय हमें आत्ममंथन, संयम और धार्मिक कार्यों में लीन होने की प्रेरणा देता है। शुभ और अशुभ का विचार कर जीवन में सफलता और शांति प्राप्त की जा सकती है।

🔸 जनवरी 2026

पंचक प्रारंभ: बुधवार, 21 जनवरी 2026, प्रातः 01:35 बजे
पंचक समाप्त: रविवार, 25 जनवरी 2026, दोपहर 01:35 बजे


🔸 फ़रवरी 2026

पंचक प्रारंभ: मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026, प्रातः 09:05 बजे
पंचक समाप्त: शनिवार, 21 फ़रवरी 2026, सायं 07:07 बजे


🔸 मार्च 2026

पंचक प्रारंभ: सोमवार, 16 मार्च 2026, सायं 06:14 बजे
पंचक समाप्त: शनिवार, 21 मार्च 2026, रात्रि 02:27 बजे


🔸 अप्रैल 2026

पंचक प्रारंभ: सोमवार, 13 अप्रैल 2026, प्रातः 03:44 बजे
पंचक समाप्त: शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026, दोपहर 12:02 बजे


🔸 मई 2026

पंचक प्रारंभ: रविवार, 10 मई 2026, दोपहर 12:12 बजे
पंचक समाप्त: गुरुवार, 14 मई 2026, रात्रि 10:34 बजे


🔸 जून 2026

पंचक प्रारंभ: शनिवार, 06 जून 2026, सायं 07:03 बजे
पंचक समाप्त: गुरुवार, 11 जून 2026, प्रातः 08:16 बजे


🔸 जुलाई 2026

पंचक प्रारंभ: शनिवार, 04 जुलाई 2026, रात्रि 12:48 बजे
पंचक समाप्त: बुधवार, 08 जुलाई 2026, सायं 04:00 बजे

पंचक प्रारंभ: शुक्रवार, 31 जुलाई 2026, प्रातः 06:38 बजे
पंचक समाप्त: मंगलवार, 04 अगस्त 2026, रात्रि 09:54 बजे


🔸 अगस्त 2026

पंचक प्रारंभ: गुरुवार, 27 अगस्त 2026, दोपहर 01:35 बजे
पंचक समाप्त: मंगलवार, 01 सितंबर 2026, रात्रि 03:23 बजे


🔸 सितंबर 2026

पंचक प्रारंभ: बुधवार, 23 सितंबर 2026, रात्रि 09:57 बजे
पंचक समाप्त: सोमवार, 28 सितंबर 2026, प्रातः 10:16 बजे


🔸 अक्टूबर 2026

पंचक प्रारंभ: बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, प्रातः 07:00 बजे
पंचक समाप्त: रविवार, 25 अक्टूबर 2026, सायं 07:22 बजे


🔸 नवंबर 2026

पंचक प्रारंभ: मंगलवार, 17 नवंबर 2026, अपराह्न 03:30 बजे
पंचक समाप्त: रविवार, 22 नवंबर 2026, प्रातः 05:54 बजे


🔸 दिसंबर 2026

पंचक प्रारंभ: सोमवार, 14 दिसंबर 2026, रात्रि 10:35 बजे
पंचक समाप्त: शनिवार, 19 दिसंबर 2026, दोपहर 03:58 बजे




प्रश्न और उत्तर





2026 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार












ENहिं