नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026: कल सुबह जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराएंगी, तो भारत एक नए इतिहास का गवाह बनेगा। इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में "पहली बार" (First-time ever) होने वाली घटनाओं से भरी है।
इस साल की परेड का मुख्य आकर्षण बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने का जश्न है।
संगीत: ऑस्कर विजेता संगीतकार एम.एम. कीरावानी ने 'वंदे मातरम' का एक विशेष संस्करण तैयार किया है, जिसकी धुन पर परेड का समापन होगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुति: देश भर के 1,500 से अधिक कलाकार एक साथ 'वंदे मातरम' की विभिन्न क्षेत्रीय शैलियों पर प्रस्तुति देंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार भारतीय सेना अपनी पारंपरिक मार्चिंग के साथ-साथ 'फेज्ड बैटल ऐरे' का प्रदर्शन करेगी।
क्या है यह: इसमें सेना के टैंक, इन्फैंट्री और ड्रोन तकनीक को एक 'युद्ध फॉर्मेशन' में दिखाया जाएगा। यह दर्शकों को अनुभव कराएगा कि आधुनिक युद्ध के मैदान में भारतीय सेना कैसे दुश्मन पर प्रहार करती है।
मेक इन इंडिया: परेड में दिखने वाले 90% हथियार स्वदेशी होंगे, जिनमें 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर और 'नाग' मिसाइल सिस्टम शामिल हैं।
इस बार की परेड में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की झलक दिखेगी। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है।
महिला सशक्तिकरण: इस बार की परेड में एक 'ऑल-विमेन' मार्चिंग दस्ता भी शामिल होगा, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारी नेतृत्व करेंगी।
30 झांकियां: कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकलेंगी। उत्तर प्रदेश की झांकी 'बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत' पर आधारित होगी, जबकि ओडिशा अपनी 'डिजिटल प्रगति' की झलक दिखाएगा।
समय: परेड सुबह 09:30 बजे शुरू होगी।
टिकट: यदि आपने टिकट नहीं लिया है, तो आप 'आमंत्रण पोर्टल' पर चेक कर सकते हैं या दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण देख सकते हैं।
सुरक्षा: दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ मोबाइल और पर्स के अलावा कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट न ले जाएं।