नई दिल्ली: कल 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को चैत्र पूर्णिमा है, जिसे देशभर में हनुमान जयंती के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। त्रेतायुग में इसी पावन तिथि पर अंजनी पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस वर्ष हनुमान जयंती गुरुवार को होने के कारण 'ज्ञान और शक्ति' का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो भक्तों के लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा।
ज्योतिष गणना के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि आज रात से ही प्रारंभ हो जाएगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार व्रत और जन्मोत्सव कल मनाया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:38 AM से 05:24 AM तक।
अमृत काल (सर्वश्रेष्ठ): सुबह 06:10 AM से 07:45 AM तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 AM से 12:48 PM तक।
सिंदूर का चोला: कल सुबह पूजा के समय हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ नारंगी सिंदूर अर्पित करें। इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
पीपल के पत्ते का उपाय: 11 पीपल के पत्ते लें, उन पर चंदन से 'राम' लिखें और उनकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। यह आर्थिक तंगी दूर करने का अचूक उपाय है।
नारियल और लाल कपड़ा: एक नारियल पर मौली लपेटकर उस पर तिलक लगाएं और हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें। इससे कार्य में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी।
बूंदी का प्रसाद: बजरंगबली को बूंदी के लड्डू या शुद्ध बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और इसे निर्धनों में बांटें। इससे संतान सुख और पारिवारिक शांति मिलती है।
सुंदरकांड का पाठ: यदि संभव हो, तो कल शाम को सामूहिक रूप से या अकेले बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। यह शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला माना जाता है।
शुभ रंग: कल की पूजा के लिए लाल या पीला वस्त्र तैयार रखें।
दान: कल के दिन अन्न और जल का दान महादान माना गया है।