नई दिल्ली: आज 31 मार्च 2026, मंगलवार है। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन शक्ति, साहस और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'हनुमान चालीसा' मात्र एक स्तुति नहीं, बल्कि एक सिद्ध मंत्र संग्रह है। ज्योतिष शास्त्र और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, चालीसा की हर पंक्ति का अपना एक विशेष प्रभाव है, लेकिन दो चौपाइयां ऐसी हैं जो बड़े से बड़े संकट को टालने की शक्ति रखती हैं।
यदि आप शारीरिक कष्ट, लंबी बीमारी या मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो यह चौपाई आपके लिए 'संजीवनी' के समान है।
चौपाई: "नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥"
अर्थ: वीर हनुमान जी के नाम का निरंतर जाप करने से सभी रोग नष्ट हो जाते हैं और हर प्रकार की शारीरिक व मानसिक पीड़ा का अंत होता है।
विधि: आज शाम हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और इस चौपाई का कम से कम 108 बार जाप करें।
जब कोई रास्ता न सूझ रहा हो और संकटों ने चारों ओर से घेर लिया हो, तब इस चौपाई का सहारा लें।
चौपाई: "संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥"
अर्थ: जो भी बलशाली हनुमान जी का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी संकट कट जाते हैं और सारी पीड़ाएं मिट जाती हैं।
विधि: संकट के समय या प्रत्येक मंगलवार को लाल आसन पर बैठकर शांत मन से इस चौपाई का स्मरण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन परिस्थितियां अनुकूल होने लगती हैं।
शुभ रंग (Red): आज लाल रंग के वस्त्र पहनें। यह मंगल ग्रह को मजबूत करता है और हनुमान जी की कृपा दिलाता है।
प्रसाद: आज प्रभु को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। यदि संभव हो तो बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं।
सुंदरकांड का पाठ: आज शाम प्रदोष काल में सुंदरकांड का पाठ करना विशेष फलदायी है, क्योंकि आज भौम प्रदोष का भी शुभ संयोग है।