वाराणसी/हरिद्वार: आज 25 मार्च 2026, बुधवार को चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि है। आज का दिन आदि-शक्ति के सबसे भयानक और शक्तिशाली स्वरूप माँ कालरात्रि को समर्पित है। काले रंग की आभा वाली, बिखरे बालों और गले में विद्युत की माला धारण करने वाली माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में जितना उग्र है, वे अपने भक्तों के लिए उतनी ही कोमल और दयालु हैं। इसीलिए इन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि को गुड़ (Jaggery) का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:
दरिद्रता का नाश: गुड़ को सूर्य और मंगल का कारक माना जाता है। माँ को गुड़ अर्पित करने से जीवन से आर्थिक तंगी और दरिद्रता का नाश होता है।
शारीरिक शक्ति: आयुर्वेद और आध्यात्मिकता में गुड़ ऊर्जा का प्रतीक है। माँ कालरात्रि को इसका भोग लगाने से भक्त को रोगों से लड़ने की शक्ति और लंबी आयु प्राप्त होती है।
यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं या अज्ञात भय आपको सताता है, तो आज रात माँ के सामने घी का दीपक जलाकर इस मंत्र का जाप करें:
मंत्र: "एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥"
लाभ: आकस्मिक संकटों से रक्षा होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
शुभ रंग (Royal Blue): आज गहरा नीला (Royal Blue) रंग पहनें। यह रंग ब्रह्मांडीय ऊर्जा और अजेय शक्ति का प्रतीक है। आज बुधवार होने के कारण यह रंग बौद्धिक क्षमता भी बढ़ाता है।
दान का महत्व: पूजा के बाद गुड़ को ब्राह्मणों को दान करें या निर्धनों में बांटें। इससे अटके हुए धन की प्राप्ति होती है।
विशेष भेंट: आज माँ को रातरानी के पुष्प या लाल गुलाब अर्पित करना शुभ माना जाता है।