

उत्तराखंड सरकार ने आज घोषणा की है कि राज्य के दो प्रमुख धामों, बद्रीनाथ और केदारनाथ, के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सरकार ने विश्वास व्यक्त किया है कि बद्रीनाथ धाम के लिए चल रहे महत्वाकांक्षी 'मास्टर प्लान' का काम अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसका सीधा लाभ इस साल की चारधाम यात्रा शुरू होने पर लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बद्रीनाथ धाम को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित तीर्थस्थल बनाने के उद्देश्य से यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत:
चौड़े रास्ते और बुनियादी ढांचा: मंदिर परिसर के आसपास के मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम हो सके।
अतिथि गृह और सुविधाएं: नए अतिथि गृहों, विश्राम स्थलों, और आधुनिक शौचालय सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है।
सुरक्षा और सौंदर्य: आपदा से सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचा बनाया जा रहा है और धाम के प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखते हुए विकास कार्य हो रहे हैं।
अनुमानित समय सीमा: सरकार ने अप्रैल 2026 की समय सीमा तय की है, ताकि चारधाम यात्रा के लिए धाम पूरी तरह से तैयार हो सके।
वहीं, केदारनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। विशेष रूप से, 'रेन शेल्टर' (Rain Shelters) के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। ये शेल्टर खराब मौसम और अचानक बारिश की स्थिति में यात्रियों को आश्रय प्रदान करेंगे, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगी। यह पहल केदारनाथ जैसे दुर्गम स्थान पर अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
इन विकास कार्यों से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं को एक अधिक सुखद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी, जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।