रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड), 10 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत, बाबा केदार की नगरी में अब आध्यात्मिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलने जा रहा है। केदारनाथ धाम में 'शीतकालीन ध्यान पर्यटन' (Winter Meditation Tourism) को बढ़ावा देने के लिए आज से तीन नई अत्याधुनिक 'स्मार्ट ध्यान गुफाओं' के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। यह कदम उन साधकों और श्रद्धालुओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो हिमालय की कड़ाके की ठंड में एकांत साधना करना चाहते हैं।
केदारनाथ में पहले से ही 'रुद्र ध्यान गुफा' (जिसे मोदी गुफा के नाम से भी जाना जाता है) मौजूद है, जिसे काफी पसंद किया गया है। लेकिन नई स्मार्ट गुफाएं तकनीकी रूप से अधिक उन्नत होंगी:
इंसुलेशन तकनीक (Temperature Control): ये गुफाएं ऐसी विशेष निर्माण सामग्री से बनाई जा रही हैं जो बाहर का तापमान माइनस डिग्री होने पर भी अंदर के वातावरण को साधना के अनुकूल (स्थिर तापमान) बनाए रखेंगी।
आधुनिक सुविधाएं: प्रत्येक गुफा में सोलर पैनल के जरिए बिजली, हीटर, संचार के लिए इंटरकॉम और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था होगी।
प्राकृतिक डिजाइन: इन गुफाओं का बाहरी स्वरूप पूरी तरह से पहाड़ी पत्थरों और प्राकृतिक परिवेश जैसा रखा गया है, ताकि केदारपुरी की मौलिक सुंदरता प्रभावित न हो।
आमतौर पर सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ के कपाट बंद हो जाते हैं और मुख्य प्रतिमा उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाती है। लेकिन, उत्तराखंड सरकार और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की योजना अब केदारपुरी को 'साल भर का आध्यात्मिक केंद्र' बनाने की है।
साधकों के लिए स्वर्ग: स्मार्ट गुफाओं के तैयार होने के बाद, प्रशासन विशेष परमिट के आधार पर साधकों को सर्दियों में भी वहां रहने और ध्यान करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: शीतकाल में यहां ऑक्सीजन की कमी और बर्फबारी को देखते हुए, इन गुफाओं को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की देखरेख में सुरक्षित स्थानों पर बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में जब से रुद्र गुफा में ध्यान लगाया था, तब से इन गुफाओं की ऑनलाइन बुकिंग में भारी उछाल आया है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ की ध्यान गुफाओं की बुकिंग कपाट खुलने से कई महीने पहले ही फुल हो जाती है। नई गुफाओं के निर्माण से वेटिंग लिस्ट कम होगी और अधिक लोगों को हिमालय की शांति का अनुभव मिल सकेगा।
बीकेटीसी (BKTC) के अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा:
"हम केदारनाथ को केवल यात्रा सीजन तक सीमित नहीं रखना चाहते। 2026 में हमारा लक्ष्य है कि 'विंटर टूरिज्म' को राष्ट्रीय स्तर पर एक आध्यात्मिक पहचान मिले। ये गुफाएं आधुनिकता और प्राचीन ऋषि परंपरा का एक अद्भुत संगम होंगी।"