पुरी जगन्नाथ मंदिर: मकर संक्रांति पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब; रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, 'मकर चौरासी वेश' के हुए दर्शन

पुरी, 15 जनवरी 2026: ओडिशा की पवित्र नगरी पुरी में आज मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूट गया है। कल दोपहर से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो आज सुबह 'मुख्य स्नान' के दिन कई किलोमीटर लंबी हो गईं। प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर गई है।

महाप्रभु का विशेष 'मकर चौरासी वेश' (Special Rituals)

आज के दिन श्री जगन्नाथ मंदिर (श्रीमंदिर) में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं:

  • मकर चौरासी वेश: आज भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 'मकर चौरासी वेश' में सजाया गया है। इस वेश में भगवान फूलों के सुंदर आभूषण और 'मकर चूड़ा' (एक विशेष सिर की पोशाक) धारण करते हैं।

  • मकर चावल (Makar Chaula) का भोग: आज के दिन महाप्रभु को नए कटे हुए चावल, गुड़, नारियल, केले और छेना से बना विशेष 'मकर चावल' का भोग लगाया गया है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के लिए भक्तों में भारी उत्साह है।

  • विशाल पान का अर्पण: इस वर्ष एक विशेष आकर्षण 2 फीट ऊंचा विशाल पान है, जो परंपरा के अनुसार भगवान को 'पान बेढ़ा' रस्म के दौरान अर्पित किया गया।

प्रशासन की नई व्यवस्था: 'सिंगल-वे' एंट्री सिस्टम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मंदिर प्रशासन (SJTA) और पुरी पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं:

  • एकतरफा दर्शन प्रणाली: श्रद्धालुओं को केवल 'सिंह द्वार' (मुख्य द्वार) से प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि बाहर निकलने के लिए अन्य तीन द्वारों का उपयोग किया जा रहा है।

  • दर्शन के समय में बदलाव: भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट आज सुबह तड़के (करीब 2 AM) ही खोल दिए गए थे ताकि अधिक से अधिक भक्त दर्शन कर सकें।

  • बैरीकेडिंग: बड़दांड (Grand Road) पर कई किलोमीटर तक बैरीकेडिंग की गई है ताकि कतारें व्यवस्थित रहें। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से सहायता केंद्र बनाए गए हैं।

समुद्र तट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मकर संक्रांति पर समुद्र स्नान का भी विशेष महत्व है, जिसके कारण पुरी बीच पर भारी भीड़ जमा है:

  • सुरक्षा बल: समुद्र तट पर 60 से अधिक पुलिस प्लाटून तैनात की गई हैं।

  • लाइफगार्ड्स की तैनाती: किसी भी डूबने वाली घटना को रोकने के लिए 200 से अधिक लाइफगार्ड्स और गोताखोरों को तैनात किया गया है।

  • ड्रोन निगरानी: भीड़ और यातायात की स्थिति पर नजर रखने के लिए एआई (AI) संचालित ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।


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