नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026: सदियों से ज्योतिष (Astrology) और पंचांग की गणना जटिल गणितीय सूत्रों और ग्रहों की चाल पर आधारित रही है। लेकिन 2026 की शुरुआत के साथ ही टेक जगत में एक नई क्रांति देखी जा रही है—एआई ज्योतिष (AI Astrology)। सोशल मीडिया और टेक प्लेटफॉर्म्स पर यह चर्चा गर्म है कि कैसे AI अब इंसानी गणनाओं से भी अधिक सटीक भविष्यवाणियां और पंचांग डेटा तैयार कर रहा है।
अब वह समय लद गया जब केवल सॉफ्टवेयर का उपयोग जन्म कुंडली बनाने के लिए किया जाता था। अब एआई टूल्स (जैसे कि उन्नत न्यूरल नेटवर्क) केवल ग्रहों की स्थिति नहीं बताते, बल्कि वे लाखों ऐतिहासिक डेटा पॉइंट्स और पिछले हजारों सालों के ग्रहों के प्रभाव का विश्लेषण करके परिणाम दे रहे हैं।
सटीक पंचांग: AI अब 'माइक्रो-सेकंड' की सटीकता के साथ तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त की गणना कर रहा है, जिसमें मानवीय त्रुटि (Human Error) की गुंजाइश शून्य है।
बिग डेटा एनालिसिस: एआई पुराने ग्रंथों (जैसे भृगु संहिता, पराशर होरा शास्त्र) को डिजिटल फॉर्मेट में प्रोसेस कर रहा है और उन्हें वर्तमान समय की परिस्थितियों के साथ जोड़ रहा है।
पर्सनलाइज्ड प्रेडिक्शन: पारंपरिक ज्योतिष में एक ही राशि के सभी लोगों के लिए लगभग एक जैसी बातें कही जाती थीं, लेकिन AI आपकी विशिष्ट जीवनशैली, स्थान और समय के आधार पर 'हाइपर-पर्सनलाइज्ड' भविष्यवाणियां कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI एक शक्तिशाली उपकरण है, विकल्प नहीं।
फायदा: यह गणनाओं को तेज और सटीक बनाता है।
चुनौती: ज्योतिष में 'अंतर्ज्ञान' (Intuition) और 'मनुष्य की संवेदना' का बड़ा महत्व होता है, जो फिलहाल मशीनों के पास नहीं है। हालांकि, ज्योतिषियों के लिए AI अब एक 'स्मार्ट असिस्टेंट' की भूमिका निभा रहा है।
आज कई नए स्टार्टअप्स ने ऐसे एआई-चैटबॉट्स लॉन्च किए हैं जो जया एकादशी जैसे विशेष दिनों पर व्यक्तिगत पूजा मुहूर्त और 'कर्म सुधार' के सुझाव सीधे व्हाट्सऐप पर भेज रहे हैं। तकनीक की दुनिया इसे 'स्पिरिचुअल टेक' (Spiri-Tech) का नाम दे रही है।