नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य (Surya) को 'राजा' और शनि (Shani) को 'न्यायाधीश' माना जाता है। पंचांग गणना के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत इन दोनों शक्तिशाली ग्रहों के एक अत्यंत दुर्लभ और अद्भुत संयोग के साथ हो रही है। इस युति को ज्योतिष जगत में 'पंचांक योग' (Panchank Yoga) कहा जा रहा है, जो लगभग 30 वर्षों के बाद बन रहा है।
यद्यपि सूर्य और शनि पिता-पुत्र हैं, लेकिन ज्योतिष में इनके बीच शत्रुता का भाव माना जाता है। हालांकि, जनवरी 2026 में बन रहा यह संयोग इसलिए खास है क्योंकि:
72 डिग्री का कोण: सूर्य और शनि एक-दूसरे से 72 डिग्री के विशेष कोण पर स्थित होकर पंचांक योग का निर्माण कर रहे हैं।
गुरु की शुभ दृष्टि: वर्तमान में शनि स्वराशि मीन (Pisces) में हैं और सूर्य धनु (Sagittarius) राशि में विराजमान हैं। इन दोनों ही राशियों के स्वामी देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) हैं। गुरु की शुभ दृष्टि इस युति पर होने के कारण इसके नकारात्मक प्रभाव कम होकर 'राजयोग' जैसा फल देंगे।
कन्या (Virgo): कन्या राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति के द्वार खोलेगा। लंबे समय से अटके हुए निवेश या बिजनेस डील्स अचानक फाइनल हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और उच्च पद मिलने की प्रबल संभावना है।
धनु (Sagittarius): सूर्य की वर्तमान उपस्थिति धनु राशि में ही है। इस योग के प्रभाव से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आप किसी बड़े प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर सकते हैं।
कुंभ (Aquarius): कुंभ राशि शनि की अपनी राशि है। सूर्य और शनि का यह संयोग आपके लिए नए अवसरों की झड़ी लगा देगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन आएगा।
जहाँ कुछ राशियों के लिए यह शुभ है, वहीं सिंह (Leo) राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। पिता या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। वृषभ और वृश्चिक राशि के जातकों को भी स्वास्थ्य और वित्तीय लेन-देन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नोट: यह लेख शास्त्रों और परंपराओं पर आधारित है। व्यक्तिगत परिस्थितियों के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।