माघ मास रविवार: सूर्य उपासना का महापर्व - जानें क्यों है आज का दिन आरोग्य और समृद्धि के लिए विशेष

माघ मास रविवार: सूर्य उपासना का महापर्व - जानें क्यों है आज का दिन आरोग्य और समृद्धि के लिए विशेष

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026: ज्योतिष शास्त्र और हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास को 'माधव मास' भी कहा जाता है। इस महीने में सूर्य देव अपनी पूर्ण ऊर्जा के साथ उत्तरायण की ओर बढ़ रहे होते हैं। आज रविवार का दिन है, जो स्वयं सूर्य देव का दिन है। माघ मास और रविवार का यह संयोग 'आरोग्यं भास्करदिच्छेत' (अर्थात स्वास्थ्य की कामना सूर्य से करनी चाहिए) के सिद्धांत को चरितार्थ करता है।

रविवार और माघ मास का ज्योतिषीय महत्व

माघ महीने में सूर्य की किरणों में औषधीय गुण बढ़ जाते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से, जिनका सूर्य कुंडली में कमजोर है या जिन्हें आत्मविश्वास की कमी, सरकारी कार्यों में बाधा या हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए आज का दिन "सुधार का दिन" है।

  • आत्मविश्वास में वृद्धि: सूर्य आत्मा का कारक है। आज की पूजा से मानसिक स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

  • पितृ दोष से मुक्ति: सूर्य को पिताओं का कारक माना जाता है। आज के दिन सूर्य को अर्घ्य देने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सूर्य पूजा की विशेष विधि (Surya Puja Steps)

आज के दिन सूर्य देव की कृपा पाने के लिए इन सरल लेकिन प्रभावशाली चरणों का पालन करें:

  1. ब्रह्म मुहूर्त स्नान: माघ मास में सूर्योदय से पहले स्नान का विशेष महत्व है। यदि संभव हो तो पानी में थोड़ा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।

  2. अर्घ्य दान: तांबे के लोटे में जल भरें। उसमें लाल चंदन, कुमकुम, अक्षत (चावल) और लाल फूल डालें। सूर्य की ओर मुख करके धीरे-धीरे जल चढ़ाएं। ध्यान रहे कि जल की धार के बीच से सूर्य के दर्शन करें।

  3. मंत्र जप: अर्घ्य देते समय या उसके बाद इस प्रभावी मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें:

    "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:" या सरल मंत्र "ॐ सूर्याय नम:"

  4. आदित्य हृदय स्तोत्र: यदि आपके जीवन में बड़े संकट या बीमारियाँ हैं, तो आज आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। यह भगवान राम द्वारा रावण पर विजय पाने के लिए किया गया था।

आज क्या करें और क्या न करें? (Do's & Don'ts)

  • क्या करें: लाल रंग के वस्त्र पहनें। तांबा, गेहूं, गुड़ या लाल कपड़े का दान करें। अपने पिता का सम्मान करें और उन्हें कोई उपहार दें।

  • क्या न करें: आज के दिन नमक का सेवन कम से कम करें (विशेषकर सूर्यास्त के बाद)। तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से पूरी तरह दूर रहें। किसी का अपमान न करें, विशेषकर घर के बुजुर्गों का।

नोट: यह लेख वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत उपायों के लिए विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लें।



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