देहरादून, 18 फरवरी 2026: उत्तराखंड सरकार ने आगामी चार धाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब तक नि:शुल्क रहने वाली चार धाम ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के लिए इस वर्ष से श्रद्धालुओं को एक न्यूनतम शुल्क (Registration Fee) देना होगा।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में 'फर्जी रजिस्ट्रेशन' और 'नो-शो' (रजिस्ट्रेशन कराकर न आना) की शिकायतें मिली थीं। लोग एक साथ कई तारीखों के स्लॉट बुक कर लेते थे और यात्रा पर नहीं आते थे, जिससे वास्तविक श्रद्धालुओं को स्लॉट नहीं मिल पाते थे।
लक्ष्य: इस मामूली फीस का मुख्य उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं, बल्कि केवल गंभीर और वास्तविक यात्रियों का डेटा सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावित शुल्क: अभी यह शुल्क 10 रुपये से 50 रुपये के बीच रखने पर विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है।
कल महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा के साथ ही चारों धामों का शेड्यूल अब स्पष्ट हो गया है:
| धाम का नाम | कपाट खुलने की तिथि | समय |
| यमुनोत्री धाम | 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) | दोपहर |
| गंगोत्री धाम | 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) | दोपहर |
| केदारनाथ धाम | 22 अप्रैल 2026 | सुबह 8:00 बजे |
| बद्रीनाथ धाम | 23 अप्रैल 2026 | सुबह 6:15 बजे |
प्रशासन के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया मार्च के अंत या अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक शुरू हो सकती है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in के माध्यम से ही अपना स्लॉट बुक करें।
फर्जी वेबसाइटों से बचें: रजिस्ट्रेशन के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें।
तैयारी रखें: रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी।
फीस का भुगतान: शुल्क का भुगतान ऑनलाइन (UPI/Card) माध्यम से ही किया जा सकेगा।