हौज खास किला

Short information

  • Location: Hauz Khas Tank, Hauz Khas, Deer Park, Hauz Khas, New Delhi, Delhi 110016
  • Timings : Open all Days. 10:30 am to 07:00 pm.
  • Best Time to visit: October to March.
  • Nearest Metro Station : Green Park Station at a distance of nearly 3.5 kilometres from Hauz Khas Fort.
  • Entry Fee: Free
  • Photography Charge: Nil
  • Architect(s) :Malik Ghazi Shahna
  • Architectural Type: Indo-Islamic architecture
  • Architectural style:  Tughluqid period
  • Completed: 1352 to 1354 A.D.
  • Did you Know: At the entry of the beautiful vast reservoir which is in itself a delight to the senses, is a Deer Park. Lush with greenery and landscaped beauty, it is a breeding place for peacocks, guinea pigs, rabbits, deer, and such a long list of a variety of birds, animals and insects that grace the gardens.

हौज खास किला भारत के स्मारकों में से एक है और यह किला दक्षिण दिल्ली के हौज खास में स्थित है। यह एक सही स्थान है कॉलेज के दोस्तों के लिए, और परिवार के साथ सैर के करने लिए। किसी अन्य किले की तरह यह किला भी आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर देता है और भारत के इतिहास की प्रशंसा करता है। वर्ष 1284 ई. में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा स्थापित हौज खास फोर्ट, सिरी फोर्ट को पानी की निरंतर आपूर्ति करने के लिए ‘मध्ययुगीन इतिहास’ के युग में बनाया गया था यह किला भारत के मुस्लिम शासकों की पहली राजधानी तथा राजधानी दिल्ली के शासन की शुरुआत करता है। ‘हौस’ शब्द उर्दू के शब्द हौज से आता है जिसका अर्थ है ‘तालाब’, हौज खास किला एक तालाब या टैंक के आसपास बनाया गया था, इसलिए इसे हौज के रूप में नामित किया गया था। किले में कई संरचनाएं है ज्यादातर तुगलक वंश के दौरान के है, यह विशेष रूप से फिरोज शाह के मकबरे के निर्माण के लिए बनाई गई थीं। अन्य संरचनाओं में एक मस्जिद, एक धार्मिक स्कूल (इस्लामिक स्कूल) और छः गुंबददार भवन शामिल हैं, जो सभी 1352 और 1354 के बीच बनाए गए थे। । सम्राट के बाद, किले का नाम पहले हौज-ए-खास दिया गया था। हालांकि, बाद में फिरोज शाह तुगलक ने इस टैंक को शाही स्नान के रूप में पुनर्निर्माण किया था। फिरोज शाह तुगलक ने इसे ‘हौज-खास’ का नाम दिया था। झील के किनारे पर खड़े स्मारक 1352 में फिरोज शाह तुगलक द्वारा निर्मित एक मदरसा थे।

किले में प्रवेश करने के बाद एक टी-आकार का भवन मलबे से घिरा हुआ है। पूरे परिसरएल के आकार का और जहां पर दोनों भवन मिलते है वह पर फिरोज शाह की कब्र है। इस इमारत की एक असामान्य विशेषता यह है कि पत्थर रेलिंग अपने मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर एक आंगन बनाती है। पत्थर की रेलिंग वास्तुकला, बौद्ध वास्तुकला की तरह है और इस्लामी इमारतों के लिए बहुत अभूतपूर्व है।

इस किले के प्रवेश पर एक सुंदर विशाल तालाब व उद्यान होने से आंगतुकों के मन और दिमाग को शान्ति प्रदान करता है, जिसका नाम डियर पार्क है। हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के साथ, यह मोर, गिनिया पिग्स, खरगोश, हिरण और विभिन्न प्रकार के पक्षियों, जानवरों और कीड़ों की एक लंबी सूची के लिए यह स्थान एक प्रजनन स्थल है जो उद्यान को आकषर्ण का केन्द्र बनाता हैं। लाइट एंड साउंड शो आगंतुकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है और किले की सुंदरता को बढ़ाता है। दक्षिणी दिल्ली के हौज खास का दौरा करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के महीनें है। हाल ही में दिल्ली विकास प्राधिकरण या डीडीए द्वारा इसमें स्थित झील का पुनः निर्माण का कार्य पूरा किया गया है। 2004 में आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज, इंटक या इंडियन नेशनल ट्रस्ट ने इस झील में बारिश के पानी को इकट्ठा करने का कार्य किया है।

हौज खास के नजदीक और भी आकर्षण केन्द्र हैं, जो हौज खास एन्क्लेव, कालकाजी मंदिर, लोटस मंदिर, निजामुद्दीन के तीर्थ और चिराग देहलवी की दरगाह जैसे स्थान देखने योग्य हैं। किले में चार कब्र हैं, एक फिरोज शाह की है और दो अन्य उनके पुत्र और एक पोते की हैं।

हौज खास किला के निकटतम बस स्टेशन आईएसटीएम बस स्टेशन है, जबकि निकटतम मेट्रो स्टेशन ग्रीन पार्क और हौज खास हैं, जो दिल्ली मेट्रो की पीली लाइन पर स्थित है। हौज खास मेट्रो स्टेशन, हौज खास किला से सिर्फ 1.6 किलोमीटर की दूरी पर है। किला सुबह 10:30 बजे से शाम 07:00 बजे तक, सप्ताह के सात दिन खुला रहता है। हौज खास गांव के प्रवेश द्वार के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं।

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मानचित्र में हौज खास किला

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