नई दिल्ली: आज 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को देशभर में हनुमान जन्मोत्सव की धूम है। सुबह की पूजा के बाद, हनुमान जयंती की शाम (प्रदोष काल) का समय आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के समय हनुमान जी की विशेष आराधना करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और लक्ष्मी जी का आगमन सुगम होता है।
पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप पांच दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और आकाश) की रक्षा का प्रतीक है। आज शाम मुख्य द्वार पर पंचमुखी दीपक जलाने के पीछे गहरा ज्योतिषीय कारण है:
नकारात्मकता से सुरक्षा: यह दीपक घर में प्रवेश करने वाली बुरी शक्तियों और 'नजर दोष' को रोकता है।
सुख-समृद्धि का वास: गुरुवार और पूर्णिमा का संयोग होने के कारण, यह दीपक घर में 'गुरु कृपा' और 'महालक्ष्मी' के स्थायित्व को सुनिश्चित करता है।
ग्रह दोष निवारण: यह शनि, मंगल और राहु के अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायक है।
समय: आज शाम सूर्यास्त के ठीक बाद (06:40 PM से 07:30 PM के बीच)।
सामग्री: मिट्टी या पीतल का पंचमुखी दीपक, चमेली का तेल (या शुद्ध घी), और पांच लंबी रूई की बत्तियाँ।
स्थान: घर के मुख्य द्वार के दायीं ओर (बाहर की तरफ मुंह करके)।
मंत्र: दीपक जलाते समय इस मंत्र का 5 बार उच्चारण करें:
"ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥"
सुंदरकांड का पाठ: यदि संभव हो, तो आज शाम परिवार के साथ मिलकर सुंदरकांड का पाठ करें। इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है।
भोग: हनुमान जी को मोतीचूर के लड्डू या मीठा पान अर्पित करें।
दान: आज शाम किसी जरूरतमंद को लाल फल या वस्त्र दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होगा।