5 दिनों में 1.13 लाख ने किए अमरनाथ दर्शन, लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन अब 'नो एंट्री'!

बाबा बर्फानी के प्रति भक्तों की दीवानगी इस साल (2026) सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने पर आमादा है। एक तरफ जहाँ पहाड़ों की विषम परिस्थितियाँ और मौसम का मिजाज भक्तों की परीक्षा ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ 'बम बम भोले' के जयकारों के साथ आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

लेकिन इस भारी भीड़ के बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। अगर आप भी इस समय बाबा के दरबार जाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए दो बहुत बड़ी खबरें जानना बेहद ज़रूरी है—एक जो आपका दिल खुश कर देगी, और दूसरी जो आपको नियमों का पालन करने के लिए सतर्क करेगी!

📈 टूट गए सारे रिकॉर्ड: सिर्फ 5 दिनों में 1.13 लाख पार!

इस साल की अमरनाथ यात्रा ने शुरुआत में ही इतिहास रच दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यात्रा शुरू होने के महज शुरुआती 5 दिनों के भीतर ही 1 लाख 13 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में मत्था टेक कर आशीर्वाद ले लिया है।

  • एक दिन में भारी भीड़: अकेले एक ही दिन में 28,000 से अधिक भक्तों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए।

  • भक्तों का जत्था: जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से हर दिन हजारों यात्रियों के बड़े-बड़े जत्थे पूरी सुरक्षा के बीच लगातार कश्मीर के पहलगाम और बालटाल रूट के लिए रवाना हो रहे हैं।

  • अटूट विश्वास: हिम शिवलिंग के तेजी से पिघलने की खबरों के बावजूद, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के उत्साह में रत्ती भर भी कमी नहीं देखी जा रही है। लोग बस बाबा की चौखट पर सिर झुकाने खिंचे चले आ रहे हैं।

🚨 प्रशासन की सख्त चेतावनी: "बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्री आगे न बढ़ें"

भक्तों की इस अभूतपूर्व भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) और श्राइन बोर्ड ने एक बेहद सख्त और नई एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

एडवाइजरी की मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए:

  • तय तारीख पर ही मिलेगी एंट्री: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, यात्रा के लिए प्रतिदिन की एक तय सीमा निर्धारित है। इसलिए, जिस यात्री के परमिट पर जो तारीख लिखी है, उसे उसी तारीख को ही आगे बढ़ने दिया जाएगा। तारीख से पहले पहुंचने पर भी आपको बेस कैंप में रोक दिया जाएगा।

  • बिना रजिस्ट्रेशन 'नो एंट्री': जिन श्रद्धालुओं के पास कन्फर्म एडवांस रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनसे हाथ जोड़कर अनुरोध किया गया है कि वे अभी जम्मू-कश्मीर या यात्रा रूट की तरफ आगे न बढ़ें। हाईवे और बेस कैंपों पर बने चेकिंग पॉइंट्स से उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा।

  • RFID कार्ड है अनिवार्य: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ही ट्रैकिंग के लिए RFID (Radio Frequency Identification) कार्ड जारी किए जा रहे हैं। बिना इस कार्ड के यात्रा मार्ग पर कदम रखना भी नामुमकिन है।

  • तत्काल (Tatkal) के भरोसे न रहें: ऑन-द-स्पॉट या तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा इस बार बेहद सीमित है और वह भी केवल स्लॉट्स खाली होने पर ही मिल पाएगी। इसलिए घर से बिना कन्फर्म परमिट के निकलना समझदारी नहीं होगी।

🚶‍♂️ यात्रियों के लिए 'भाई वाली' ज़रूरी सलाह

भाई, अगर आपका रजिस्ट्रेशन हो चुका है, तो अपनी तय तारीख पर बाबा के दर्शन के लिए ज़रूर निकलिए, यात्रा बेहद सुचारू रूप से चल रही है। लेकिन अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है या आपकी तारीख आगे की है, तो जल्दबाजी में आकर नेशनल हाईवे या बेस कैंपों पर भीड़ न बढ़ाएं। प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि यह सख्त नियम आपकी और आपके साथ चल रहे हजारों भाइयों की सुरक्षा के लिए ही बनाए गए हैं।

यात्रा पर निकलने से पहले इन बातों को गांठ बांध लें:

  1. अपना ओरिजिनल आधार कार्ड और रजिस्ट्रेशन स्लिप हमेशा साथ रखें ताकि आसानी से RFID कार्ड मिल सके।

  2. मौसम का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए रेनकोट और हल्के ऊनी कपड़े साथ रखना न भूलें।

  3. रास्ते में तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुजारियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

।। हर हर महादेव । यात्रा मंगलमय हो ।।




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