रुद्रप्रयाग/केदारनाथ: केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब दो सप्ताह से भी कम का समय बचा है, लेकिन बाबा के धाम में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पिछले 24 से 48 घंटों में केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर हुई ताजा बर्फबारी ने प्रशासन और यात्रा की तैयारियों में जुटी एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है।
22 अप्रैल को कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने नई एडवाईज़री जारी की है।
लिनचोली और भैरव गदेरा: ताजा बर्फबारी के कारण लिनचोली और भैरव गदेरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल मार्ग पर फिर से 3 से 4 फीट बर्फ जमा हो गई है।
बर्फ हटाने का काम: प्रशासन ने 60 से अधिक श्रमिकों की दो टीमों को तैनात किया है जो युद्ध स्तर पर मार्ग साफ करने में जुटे हैं। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी काम में बाधा डाल रही है।
प्रशासन ने यात्रियों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
मौसम का अपडेट देखकर ही चलें: केदारनाथ की यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग (IMD) का ताज़ा पूर्वानुमान अवश्य चेक करें। यदि भारी बर्फबारी का अलर्ट हो, तो ऋषिकेश या सोनप्रयाग में रुकना सुरक्षित रहेगा।
गर्म कपड़ों का विशेष इंतजाम: धाम में तापमान शून्य से नीचे (-5°C तक) गिर रहा है। अपने साथ हैवी जैकेट, थर्मल वियर, दस्ताने और वाटरप्रूफ जूते ज़रूर रखें।
स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य: ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक ठंड के कारण सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। यात्रा से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट ज़रूर बनवा लें।
पंजीकरण (Registration) की स्थिति: भारी बर्फबारी के कारण प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है। सुनिश्चित करें कि आपका पंजीकरण कंफर्म है।
केदारनाथ कपाट उद्घाटन: 22 अप्रैल 2026, सुबह 08:00 बजे।
डोली प्रस्थान: बाबा की पंचमुखी डोली 18 अप्रैल को उखीमठ से प्रस्थान करेगी।
"यदि आप अपने साथ बच्चों या बुजुर्गों को ला रहे हैं, तो यात्रा के शुरुआती हफ्तों (अप्रैल के अंत) के बजाय मई के मध्य में यात्रा की योजना बनाएं, जब मौसम थोड़ा स्थिर हो जाता है।"