अयोध्या, 8 जनवरी 2026: मकर संक्रांति के पावन पर्व से पहले राम नगरी अयोध्या में श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ रहा है। नए साल की शुरुआत के साथ ही भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह हाई-टेक बनाने का निर्णय लिया है। आज से मंदिर में 'डिजिटल स्लॉट' (Digital Slot) दर्शन प्रणाली का ट्रायल शुरू किया गया है, जो आने वाले समय में कतारों के बोझ को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, अब भक्तों को घंटों लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी।
मोबाइल ऐप से बुकिंग: श्रद्धालु अब मंदिर के आधिकारिक ऐप के माध्यम से अपना दर्शन समय (स्लॉट) आरक्षित कर सकेंगे।
समय की बचत: ट्रायल के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस डिजिटल प्रणाली से कतारों में लगने वाले समय में 40% तक की कमी आई है।
QR कोड आधारित प्रवेश: स्लॉट बुक करने के बाद भक्तों को एक QR कोड वाला ई-पास मिलेगा, जिसे मंदिर के प्रवेश द्वार पर स्कैन करके त्वरित प्रवेश दिया जा रहा है।
भीड़ नियंत्रण के लिए केवल डिजिटल तकनीक ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे में भी बड़े बदलाव किए गए हैं:
नए ग्रीन कॉरिडोर: मंदिर के चारों ओर 'ग्रीन कॉरिडोर' का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। यह मार्ग विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं और बुजुर्गों के लिए बनाया गया है।
सप्तमंडप और परकोटा: श्रद्धालुओं को अब मंदिर परिसर के भीतर बने अन्य 14 देवालयों के दर्शन की सुविधा भी चरणों में दी जा रही है। फरवरी से पूरे परिसर का भ्रमण सुलभ हो जाएगा।
सुरक्षा अलर्ट: मकर संक्रांति (14-15 जनवरी) को लेकर 'स्मार्ट क्राउड मैनेजमेंट' प्रणाली को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है।
प्रशासन को उम्मीद है कि मकर संक्रांति पर करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। इसके लिए हनुमानगढ़ी से लेकर राम जन्मभूमि तक 'वन-वे' रूट और स्मार्ट बैरिकेडिंग लागू की गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सर्दी और कोहरे को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और डिजिटल पास का अधिकतम उपयोग करें।