सूरजकुंड मेला 2026: संस्कृति, हस्तशिल्प और वैश्विक एकता का महाकुंभ

नई दिल्ली/फरीदाबाद: सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेला, जो भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध हस्तशिल्प मेला है, इस साल अपनी 39वीं कड़ी में धूमधाम से शुरू हो चुका है। मेला 31 जनवरी 2026 से शुरू हुआ और 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। फरीदाबाद (हरियाणा) के सुरम्य अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित सूरजकुंड में यह 16 दिनों का उत्सव लाखों पर्यटकों, कला प्रेमियों और शिल्पकारों को आकर्षित कर रहा है।

यह मेला हर साल फरवरी के पहले पखवाड़े में आयोजित होता है, लेकिन 2026 में इसे थोड़ा पहले शुरू किया गया है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इसका उद्घाटन किया, और पहले वीकेंड में ही 30,000 से ज्यादा विजिटर्स पहुंच चुके हैं।

मुख्य आकर्षण और थीम इस साल मेला "लोकल टू ग्लोबल" थीम पर आधारित है। इसमें उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम स्टेट्स के रूप में भाग ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश अपनी चिकनकारी, जरदोजी, कालीन बुनाई, कुम्हारी और लखनऊ-वाराणसी की स्वादिष्ट व्यंजनों से आकर्षित कर रहा है। वहीं मेघालय अपनी आदिवासी कला, हस्तशिल्प और उत्तर-पूर्वी संस्कृति को प्रदर्शित कर रहा है।

पार्टनर नेशन के रूप में मिस्र (Egypt) शामिल है। मिस्र का पवेलियन पिरामिड्स, लक्सर मंदिरों और काहिरा के बाजारों से प्रेरित है, जिसमें प्राचीन मिस्री कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रदर्शन दिखाए जा रहे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेला की शोभा बढ़ा रहा है।

मेले में 1,230 से ज्यादा स्टॉल्स हैं, जिनमें 50 विदेशी स्टॉल शामिल हैं। यहां भारत के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, हैंडलूम, टेक्सटाइल, लोक कला, संगीत, नृत्य और क्षेत्रीय व्यंजन देखने-खाने को मिलते हैं। शाम को रंग-बिरंगी लाइटिंग, फोक परफॉर्मेंस और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले को और जीवंत बनाते हैं।

समय और टिकट

  • तिथियां: 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026
  • समय: रोजाना सुबह 10:00-10:30 बजे से शाम 7:00-8:30 बजे तक (कुछ स्रोतों में 9:00 बजे तक)
  • टिकट मूल्य:
    • वीकडे: ₹120-₹150
    • वीकेंड: ₹180
    • छात्रों और सीनियर सिटीजन को वैध आईडी पर छूट उपलब्ध
  • टिकट ऑनलाइन (DMRC Momentum 2.0 ऐप, हरियाणा टूरिज्म वेबसाइट या surajkundmela.co.in) या साइट पर उपलब्ध हैं।

कैसे पहुंचें

  • स्थान: सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेला ग्राउंड, फरीदाबाद (दिल्ली-एनसीआर से सिर्फ 25-30 किमी दूर)
  • मेट्रो: सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन बदरपुर (Badarpur) है, वहां से ऑटो/कैब से 4-5 किमी।
  • रोड: दिल्ली से फरीदाबाद रोड या सूरजकुंड रोड से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मेले के दौरान कुछ रोड क्लोजर और ट्रैफिक डायवर्जन हो सकते हैं, इसलिए पहले चेक करें।
  • पार्किंग: व्यवस्थित पार्किंग उपलब्ध, लेकिन भीड़ के कारण शटल सर्विस या पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर विकल्प है।

क्यों जाएं? सूरजकुंड मेला सिर्फ शॉपिंग नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक एकता का जीता-जागता उदाहरण है। यहां शिल्पकार सीधे अपनी कला बेचते हैं, मिडिलमैन के बिना। फूड कोर्ट में क्षेत्रीय व्यंजन, लाइव परफॉर्मेंस और परिवार के साथ घूमने का मजा अलग ही है।

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में हैं, तो यह वीकेंड प्लान के लिए परफेक्ट है। संस्कृति प्रेमियों, शिल्प संग्रहकर्ताओं और परिवारों के लिए यह एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।

जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट: haryanatourism.gov.in या surajkundmela.co.in देखें।

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