राष्ट्रीय युवा दिवस 2026: स्वामी विवेकानंद के विजन को याद करते हुए; सरकार ने 'डिजिटल मेंटरशिप' कार्यक्रम शुरू किया

नई दिल्ली, 12 जनवरी 2026: भारत आज अपने महानतम आध्यात्मिक गुरुओं और दूरदर्शी नेताओं में से एक, स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस (Rashtriya Yuva Diwas) मना रहा है। पूरे देश में शिक्षण संस्थान, युवा संगठन और सरकारी निकाय उनके गहन संदेश और राष्ट्र निर्माण के विजन को याद करने के लिए विशेष कार्यक्रम, सेमिनार और कार्यशालाएँ आयोजित कर रहे हैं।

2026 में स्वामी विवेकानंद की प्रासंगिकता

12 जनवरी, 1863 को जन्मे स्वामी विवेकानंद के साहस, आत्मनिर्भरता और सार्वभौमिक भाईचारे के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने एक सदी पहले थे। उनका प्रतिष्ठित आह्वान, "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए," लाखों लोगों को प्रेरित करता रहता है।

  • युवा राष्ट्र निर्माता: विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है। उनके उपदेश युवाओं को शारीरिक शक्ति, मानसिक दृढ़ता और आध्यात्मिक ज्ञान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

  • शिक्षा पर जोर: उन्होंने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की वकालत की जो चरित्र का निर्माण करे, आत्मविश्वास पैदा करे और व्यक्तियों को समाज में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाए।

सरकार ने 'डिजिटल मेंटरशिप' कार्यक्रम शुरू किया

इस शुभ दिन को चिह्नित करने के लिए, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने आज 'युवा मार्गदर्शक - डिजिटल मेंटरशिप कार्यक्रम 2026' का शुभारंभ किया है। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी युवा पेशेवरों और अनुभवी सलाहकारों के बीच की खाई को पाटना है।

  • मुख्य विशेषताएं:

    • ऑनलाइन मंच: एक समर्पित एआई-संचालित पोर्टल, करियर की रुचियों, कौशल और क्षेत्रीय भाषा वरीयताओं के आधार पर सलाह चाहने वालों को सलाहकारों से जोड़ेगा।

    • कौशल विकास: यह कार्यक्रम उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता, सतत विकास और मानसिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगा।

    • टियर-2 और टियर-3 पर फोकस: छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं तक पहुंचने, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

देशव्यापी उत्सव

स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक, इस दिन को उत्साह के साथ मनाया जा रहा है:

  • प्रेरक सत्र: प्रमुख हस्तियां नेतृत्व, नैतिकता और करियर मार्गदर्शन पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र आयोजित कर रही हैं।

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: युवा समूह विवेकानंद के जीवन और दर्शन पर आधारित नाटक और संगीत प्रस्तुत कर रहे हैं।

  • सामुदायिक सेवा: कई संगठन निस्वार्थ सेवा (सेवा) पर विवेकानंद के जोर को दर्शाते हुए सामाजिक कार्य पहल कर रहे हैं।

प्रधान मंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से विवेकानंद के निडरता और समर्पण की भावना को आत्मसात करने का आग्रह किया, उन्हें याद दिलाया कि वे 'विकसित भारत' के निर्माता हैं।


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