वाराणसी, 9 फरवरी 2026: माघ की विदाई के साथ ही आज से फाल्गुन मास की आहट काशी की गलियों में सुनाई देने लगी है। भगवान शिव की प्रिय नगरी काशी (वाराणसी) में फाल्गुन का महीना केवल एक कैलेंडर का बदलाव नहीं, बल्कि 'शिव-शक्ति' के मिलन के उत्सव की शुरुआत है।
आज सोमवार होने के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. फाल्गुन मास के करीब आने के साथ ही बाबा के दर्शन के लिए आने वाले शिव भक्तों के उत्साह में भारी वृद्धि देखी जा रही है. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और कतार प्रबंधन के नए रोडमैप पर चर्चा शुरू कर दी है.
इस महीने के अंत में आने वाली महाशिवरात्रि के लिए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है. बाबा विश्वनाथ के सुलभ दर्शन सुनिश्चित करने के लिए 'अष्टयाम' आरती और विशेष शिव अर्चना का आयोजन किया जा रहा है. फाल्गुन के दौरान काशी में आने वाले लाखों पर्यटकों और शिवभक्तों के लिए गंगा घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक विशेष स्वच्छता अभियान और सजावट की योजना बनाई गई है.
फाल्गुन के महीने में काशी में केवल पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि संगीत और लोक कलाओं का भी संगम होता है। घाटों पर होने वाली संध्या आरती में अब फाल्गुन के विशेष भजनों की गूँज सुनाई देने लगी है। स्थानीय अखाड़ों और मठों में भी महाशिवरात्रि के लिए विशेष अनुष्ठानों की तैयारी तेज हो गई है।