

रुद्रप्रयाग, 4 जनवरी 2026: देवभूमि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी निरंतर बर्फबारी के कारण ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ का धाम पूरी तरह से सफेद चांदी जैसी बर्फ की चादर में ढक गया है। समुद्र तल से 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर परिसर में इस समय कई फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है।
निर्माण कार्यों पर लगा विराम शीतकाल के दौरान केदारनाथ के कपाट बंद रहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'केदारनाथ मास्टर प्लान' के तहत पुनर्निर्माण कार्य गति पर थे। हालांकि, भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे जा चुके तापमान के कारण प्रशासन ने इन कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। निर्माण सामग्री और मशीनें बर्फ से ढकी हुई हैं और मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।
सुरक्षा बलों की मुस्तैदी इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बर्फबारी के बीच भी भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और उत्तराखंड पुलिस के जवान सुरक्षा के लिए तैनात हैं। वे न केवल मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि विषम परिस्थितियों में भी धाम की निगरानी कर रहे हैं।
अगले 48 घंटे चुनौतीपूर्ण मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। विभाग के अनुसार, क्षेत्र में और अधिक बर्फबारी होने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से ऊंचाई वाले इलाकों की ओर न जाने की अपील की है।