अयोध्या राम मंदिर म्यूजियम: रामलला के इतिहास से हनुमान जी के पराक्रम तक; सितंबर 2026 तक होगा तैयार

अयोध्या, 19 फरवरी 2026: भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के साथ-साथ अब भक्तों को एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है। मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम (संग्रहालय) तेजी से आकार ले रहा है, जिसे सितंबर 2026 तक जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। यह म्यूजियम केवल एक प्रदर्शन केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और भगवान राम की गाथा का एक जीवंत अनुभव होगा।

1. 20 गैलरी और एक विशेष 'हनुमान गैलरी'

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें रामायण काल से लेकर मंदिर निर्माण तक के हर पहलू को दर्शाया जाएगा। इनमें सबसे खास आकर्षण एक समर्पित 'हनुमान गैलरी' होगी, जिसे IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम द्वारा तैयार किया जा रहा है।

  • अनुभव: इस गैलरी में अत्याधुनिक 3D और 7D तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे दर्शक भगवान हनुमान के जीवन के प्रमुख प्रसंगों—उनकी भक्ति, शक्ति और पराक्रम को अनुभव कर सकेंगे। लंका दहन से लेकर संजीवनी बूटी लाने तक के दृश्यों को जीवंत किया जाएगा।

2. म्यूजियम का उद्देश्य और महत्व

इस संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान राम के आदर्शों, रामायण के मूल्यों और अयोध्या के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है।

  • ऐतिहासिक साक्ष्य: यहाँ मंदिर निर्माण के दौरान मिले पुरातात्विक अवशेष, कलाकृतियाँ और मंदिर आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

  • कला और संस्कृति: यह संग्रहालय भारतीय कला, वास्तुकला और शिल्प कौशल का भी प्रदर्शन करेगा, जो राम मंदिर में निहित है।

3. निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाएँ

म्यूजियम का निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में IIT मद्रास जैसे संस्थानों की भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि यह संग्रहालय आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान का अद्भुत संगम होगा।

  • पर्यटन: यह अयोध्या को एक प्रमुख वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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