हिंदू धर्मग्रंथों में गेंदे के फूलों का महत्व - इच्छाओं की पूर्ति का मार्ग

हिंदू धर्मग्रंथों में गेंदे के फूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका उपयोग विभिन्न शुभ समारोहों में किया जाता है, प्रार्थनाओं से लेकर विवाह अनुष्ठानों और गृहप्रवेश समारोहों तक। शास्त्रों के अनुसार, फूल सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अलग-अलग देवताओं के लिए अलग-अलग फूलों का उपयोग किया जाता है।

हिंदू धर्मग्रंथों की बात करें तो हर फूल अपना अलग ही महत्व रखता है। उदाहरण के लिए, लाल फूल (गेंदा) देवी दुर्गा को समर्पित हैं, जबकि सफेद फूल भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं। पीले फूल भगवान विष्णु को प्रिय हैं। ऐसा माना जाता है कि अपने मनमोहक पीले रंग के कारण, गेंदे के फूल चढ़ाए जाने पर ज्ञान, बुद्धि और धन को आकर्षित करते हैं।

पंडित प्रशांत तिवारी के अनुसार प्रतिदिन भगवान विष्णु को गेंदे के फूल चढ़ाने से समृद्धि आती है। इन फूलों का उपयोग भगवान गणेश की पूजा में भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गेंदे के फूल की प्रत्येक पंखुड़ी में एक अलग देवता का वास होता है। इसलिए, गेंदे के फूल हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण महत्व रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा में उपयोग किए जाते हैं। यह पौधा भारत की जलवायु में आसानी से पाया जाता है, जिससे यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसलिए इस फूल की पहचान करना कोई चुनौती नहीं है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु को गेंदे का फूल चढ़ाने से ज्ञान, बुद्धि और धन की प्राप्ति होती है।

विभिन्न देवताओं के निवास:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को रोजाना गेंदे का फूल चढ़ाने से समृद्धि आती है। इन फूलों का उपयोग भगवान गणेश की पूजा में भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गेंदे के फूल की प्रत्येक पंखुड़ी में एक अलग देवता का वास होता है। इसलिए, गेंदे के फूल हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण महत्व रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा में उपयोग किए जाते हैं।







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