गणेश चतुर्थी

Short information

  • 2018 Date: 13 September 2018
  • Observances: Prayer, celebrations and the immersion of deities.
  • Type of holiday: Folk, Religious
  • Featured in religions: Hinduism
  • Begins: Bhadrapada Shukla
  • Also called: Chavath, Ganeshotsav
  • Ends: 11 day after start

गणेश चतुर्थी का त्योहार हिन्दू भगवान गणेश के सम्मान के लिए मनाया जाता है। इस त्योहार को विनायक चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है। यह त्योहार हिन्दूओं का प्रमुख त्योहार है तथा यह त्योहार पूरे भारत में विशेष तौर से दक्षिण भारत में महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।  अब यह त्योहार विदेशों में भी मनाया जाता है जैसे अमेरिका, कनाडा, माॅरीशस और अन्य स्थानों में जहां भारतीय हिन्दु प्रवास करते है। यह त्योहार हिन्दु कलेंडर के अनुसार भाद्रपद्र में शुरू के शुक्ल चतुर्थी तथा अगस्त और सितंम्बर महीनों के बीच में आता है। यह त्योहार दस दिनों तक तथा अनंत चतुर्थी के अन्त तक मनाया जाता है। इस त्योहार को मराठा राज शिवाजी के काल (1630-1680ई) से सार्वजनिक रूप से मनाया जाने लगा है।

गणेश चतुर्थी त्योहार में दस दिनों तक भगवान गणेश की पूजा की जाती है तथा कई धार्मिक संस्थाओं द्वारा बडें अस्थायी पंडालों का निर्माण कर तथा पंडालों को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है तथा उसमें मिट्टी से बनी भगवान श्री गणेश की मूर्ति स्थापित कि जाती है। इस त्योहार में हिन्दु परिवार अपने घरों में भी भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करते है इन मूर्तिओं को मूर्तिकार द्वारा 2-3 महीनें पहले बनाया जाता हैै और अंत में भगवान गणेश की मूर्ति का नदी में विर्सजन किया जाता है।

गणेश कथा
देवी पार्वती अपने स्नान के लिए इस्तेमाल किया चंदन का पेस्ट भगवान गणेश को बनाया था। देवी पार्वती जब स्नान के लिए गई तो भगवान गणेश को द्वार पर खाडा कर दिया ये आदेश दिया कि कोई भी अन्दर न आ पाये। जब भगवान शिव शंकर द्वार पर आये तो गणेश ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। भगवान शिव क्रोधित हो गये। भगवान शंकर ने गणेश को शिष्टाचार सिखाने के लिए अपने गणों को आदेश दिया परन्तु गणेश बहुत शाक्तिशाली था गणेश ने हर किसी को हारा दिया और किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया। अंत में भगवान शिव ने गणेश का सिर काट दिया। जब देवी पार्वती स्नान करके बाहर आयी तो यह देखकर पार्वती बहुत क्रोधित हुई और भगवान शिव से गणेश को जीवत करने को कहा। भगवान शंकर ने अपने गणों को उत्तर दिशा की तरह कटे सिर को खाजने को कहा परन्तु गणेश का सिर नहीं मिल पाया अंत में गणेश के शरीर पर मानव कि जगह एक हाथी का सिर लगा कर भगवान शंकर ने गणेश को जीवत किया।

वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
मतलब:हे टेढ़ी सुंड वाले, हे बडे शरीर वाले, सूर्य की रोशिनी के समान प्रकाशमान श्री गणेश भगवान, हमेशा कि तरह मेरे सभी कामों को बाधाओं से मुक्त कर दें।

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