सूर्य नक्षत्र हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है क्योंकि सूर्य सभी ग्रहों के बीचों बीच स्थित है। सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करता है, जो उसे सूर्य गोचर कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जीवन में असर पड़ता है। जैसे धन, मान सम्मान, शारीरिक पीड़ा और मानसिक पीड़ा आदि।
उत्तराषाढ़ा
रविवार, 11 जनवरी 2026, प्रातः 08:42 बजे
श्रवण
शनिवार, 24 जनवरी 2026, प्रातः 10:56 बजे
धनिष्ठा
शुक्रवार, 06 फ़रवरी 2026, दोपहर 02:10 बजे
शतभिषा
गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026, सायं 06:39 बजे
पूर्व भाद्रपद
गुरुवार, 05 मार्च 2026, रात्रि 12:59 बजे
उत्तर भाद्रपद
बुधवार, 18 मार्च 2026, प्रातः 09:27 बजे
रेवती
मंगलवार, 31 मार्च 2026, सायं 08:16 बजे
अश्विनी
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026, प्रातः 09:38 बजे
भरणी
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026, रात्रि 01:24 बजे
कृत्तिका
सोमवार, 11 मई 2026, सायं 07:37 बजे
रोहिणी
सोमवार, 25 मई 2026, अपराह्न 03:44 बजे
मृगशिरा
सोमवार, 08 जून 2026, दोपहर 01:39 बजे
आर्द्रा
सोमवार, 22 जून 2026, दोपहर 12:31 बजे
पुनर्वसु
सोमवार, 06 जुलाई 2026, दोपहर 12:09 बजे
पुष्य
सोमवार, 20 जुलाई 2026, प्रातः 11:33 बजे
आश्लेषा
सोमवार, 03 अगस्त 2026, प्रातः 10:29 बजे
मघा
सोमवार, 17 अगस्त 2026, प्रातः 08:03 बजे
पूर्व फाल्गुनी
सोमवार, 31 अगस्त 2026, प्रातः 04:04 बजे
उत्तर फाल्गुनी
रविवार, 13 सितंबर 2026, रात्रि 09:53 बजे
हस्त
रविवार, 27 सितंबर 2026, अपराह्न 01:25 बजे
चित्रा
रविवार, 11 अक्टूबर 2026, रात्रि 02:25 बजे
स्वाति
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:56 बजे
विशाखा
शुक्रवार, 06 नवंबर 2026, रात्रि 09:08 बजे
अनुराधा
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, रात्रि 03:09 बजे
ज्येष्ठा
गुरुवार, 03 दिसंबर 2026, प्रातः 07:33 बजे
मूल
बुधवार, 16 दिसंबर 2026, प्रातः 10:29 बजे