भजन कीर्तन की सूची

भारत में भजन कीर्तन किसी भी भाषा में धार्मिक विषयों या आध्यात्मिक विचारों के साथ किसी भी भक्ति गीत को संदर्भित करता है। भजन करने वाले भक्त अपने ईश्वर से अपने विचारों को गीत में बोलकर या गाकर अपने विचार व्यक्त करते हैं। भजन शब्द का अर्थ है 'श्रद्धा', जो संस्कृत शब्द भज से निकला शब्द है। हिंदू धर्म में, अधिकांश भजन कीर्तन जागरण या पूजा में गाए जाते हैं। हिंदू देवी-देवताओं के लिए भजन गाए जाते हैं जैसे शिव, कृष्ण, दुर्गा माता, लक्ष्मी, रानी आदि।


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सुन देवा सुन मेरी देवा

सुन देवा सुन मेरी देवा

सुन देवा सुन मेरी देवा, तेरा नाम है मिश्री मेवा’ पहाड़ों बीच रेहन वाली है’
आया मजा आया तेरे जगराते का

आया मजा आया तेरे जगराते का

चांदनी रात और पुरवा चली है मीठी मीठी फूलो की खुशबु चली है, भीड़ भगतो की देखो लगी है, आया मजा आया तेरे जगराते का,
नया साल माँ नाल मनबांगे

नया साल माँ नाल मनबांगे

आज नवा साल माँ न मनावागे, नाले नच नच भेटा गवागे, आज नवा साल माँ न मनावागे,
जय देवी जय देवी

जय देवी जय देवी

दुर्जय दुर्गत भरि तज्विन संसारी अनत नाथे अम्बे करुणा वितारी वारी चर जनमा मरनचे चर हरि पदलो आगत संवत निवारी
जब कोई नही आता

जब कोई नही आता

जब कोई नही आता, जब कोई नही आता, मेरे श्याम आते है, मेरे श्याम आते है, मेरे दुख के दीनो मेी वो बड़े काम आते है, मेरे दुख के दीनो मेी वो बड़े काम आते है,
बसो मोरे नैनन में

बसो मोरे नैनन में

बसो मोरे नैनन में नंदलला, मोर मुकुट मकर आकृति कुंडल अरुण सीहत सोहे भाल मोर मुकुट मकर आकृति कुंडल
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है

सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है

सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है, सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है, चलो ससंग मेी चले ह्यूम हरी गन गाना है, चलो ससंग मेी चले ह्यूम हरी गन गाना है,
श्री राधे गोविंदा

श्री राधे गोविंदा

जय नंदला जय जय, जय गोपाला जय जय श्री राधे गोविंदा, मान भाज ले हरी का प्यारा नाम है गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलला हरी का प्यारा नाम है
कैसा प्यारा ये दरबार है

कैसा प्यारा ये दरबार है

कैसा प्यारा ये दरबार है, जहाँ भगतो की भरमार है – २ सबके मालिक ये सरकार है, जिनकी दुनिया को दरकार है
नदी किनारे खड़ा है पगले

नदी किनारे खड़ा है पगले

नदी किनारे खड़ा है पगले नदी किनारे खड़ा है पगले, फिर भी तू है प्यासा हरी का नाम तो पास है बंदे, फिर क्यूँ छ्चोड़े आशा
जग में सुन्दर हैं दो नाम

जग में सुन्दर हैं दो नाम

जग में सुन्दर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम बोलो राम, राम, राम
हरि सुंदर नंद मुकुंद हरि नारायण हरि ओम

हरि सुंदर नंद मुकुंद हरि नारायण हरि ओम

हरि सुंदर नंद मुकुंद हरि नारायण हरि ओम हरि केशवा हरि गोविन्द हरि नारायण हरि ओम
बोलो बोलो सब मिल बोलो ओम नमः शिवाय

बोलो बोलो सब मिल बोलो ओम नमः शिवाय

बोलो बोलो सब मिल बोलो ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम्

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम्

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम् राम नारायणम जानकी वल्लभम्
रघुपति राघव राजा राम

रघुपति राघव राजा राम

रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम
श्याम ही साँसों में बसते

श्याम ही साँसों में बसते

श्याम ही साँसों मे बस्ते श्याम ही धड़कन श्याम की ही है अमानत अपना ये जीवन
भोले की दीवानी नाच रही मस्ती

भोले की दीवानी नाच रही मस्ती

चाली जब भोले की कावड़ ढोल नगाड़े भाज रहे भोले की दीवानी नाच रही मस्ती में दीवाने नाच रहे ||
शिव शंकर को जिसने पूजा

शिव शंकर को जिसने पूजा

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ। अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥

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