माघ मास का महत्व, पर्व और व्रत

माघ मास का महत्व, पर्व और व्रत

महत्वपूर्ण जानकारी

  • हिंदू महीना माघ
  • माघ मास प्रारंभ : रविवार, 08 जनवरी 2023
  • माघ माह का अंत : रविवार, 05 फरवरी 2023

माघ हिन्दू धर्म में एक मास का नाम होता है, जिसे चन्द्र हिन्दू कैलेंडर में माघ मास कहा जाता है। हिन्दू धर्म विक्रम सवंत् के अनुसार 11 महीना होता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में जनवरी व फरवरी का महीना होता है।

माघ मास 08 जनवरी 2023 से प्रारंभ होकर 05 फरवरी 2023 को समाप्त हो रहा है। हिन्दू पंचाग के अनुसार प्रत्येक मास का अपना महत्व होता है इस प्रकार माघ मास का भी महत्व है। माघ मास में गंगा में स्नान करने महत्व है। ऐसा माना जाता है माघ महीनें में दान, स्नान और उपवास करने से सभी पापों से मुक्ति प्रदान होती है। जो व्यक्ति माघ मास में पवित्र गंगा नदी में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देता है उसे सभी पापों से मुक्ति प्रदान होती ंहै और भगवान विष्णु की कृपा से सभी सुखों को प्राप्त करता है।

विक्रम संवत में माघ का महीना ग्यारवां महीना होता है। हिन्दू धर्म महीनों के नाम नक्षत्रों पर आधारित होते है। हिन्दू धर्म में महीना का बदलना चन्द्र चक्र पर निर्भर करता है, चन्द्रमा जिस नक्षत्र पर होता है उस महीने का नाम उसी नक्षत्र के आधार पर रखा जाता है। माघ मास की पूर्णिमा को चंद्रमा मघा व अश्लेशा नक्षत्र में रहता है इसलिए इस मास को माघ का मास कहा जाता है। माघ मास की पूर्णिमा ‘‘माघ’’ नाम के तारों के समूह के आसपास होती है। माघ मास में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।

माघ मास महत्व

पौराणिक ग्रंथों की मान्यता अनुसार माघ मास में गौतमऋषि ने इन्द्रेदव का श्राप दिया था, तब इन्द्रदेव माघ मास में गंगा स्नान किया था, जिसके फलस्वरूप इन्द्रदेव श्राप से मुक्ति मिली थी। इस महीनें में पूर्णिमा व अमावस्या के दिन स्नान का पवित्र माना जाता है।

माघ मास के त्यौहार व व्रत






2022 के आगामी त्यौहार और व्रत












दिव्य समाचार











Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

EN हिं