मौनी अमावस्या क्या है और कब है? इस दिन गंगा में स्नान करना शुभ माना जाता है

मौनी अमावस्या क्या है और कब है? इस दिन गंगा में स्नान करना शुभ माना जाता है

महत्वपूर्ण जानकारी

  • दिनांक: मंगलवार, 1 फरवरी 2022
  • अमावस्या तीथि शुरू - 31 जनवरी, 2022 को दोपहर 02:18 बजे
  • अमावस्या तीथि समाप्त - 11:15 पूर्वाह्न 01 फरवरी, 2022 तक
  • 2021 में अमावस्या तीथि

मौनी अमावस्या, मौनी शब्द का अर्थ मौन है अर्थात् चुप रहना, इस दिन कोई भी व्यक्ति पूरे दिन मौन रहता है और यह एक तरह का व्रत है। जिसे मौनी अमावस्या के दिन किया जाता है। हिन्दू कैलेंडर में मौनी अमावस्या को सबसे महत्वपूर्ण व शुभ दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र गंगा नदी का पानी अमृत में बदल जाता है और मौनी अमावस्या के दिन गंगा में स्नान करना पवित्र माना जाता है।

हिन्दू धर्म के अनुसार मौनी अमावस्या माघ महीने के मध्य में आता है और इसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म में माघ महीने को शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन द्वापर युग प्रारंभ हुआ था। वैसे माघ के पुरे महीनें में गंगा स्नान को शुभ माना जाता है परन्तु मौनी अमावस्या के दिन स्नान करना खास व पवित्र माना जाता है।

शास्त्रों में इस दिन दान-पुण्य करने के महत्व को बहुत ही अधिक फलदायी बताया है. एक मान्यता के अनुसार इस दिन मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है जिसके कारण इस दिन को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।

मौनी अमावस्या का दिन यदि हिन्दू धर्म के सबसे बड़े कुंभ के मेले के दौरान आता है तो यह दिन सबसे महत्वपूर्ण स्नान दिवस कहा जाता है इस दिन को अमृत योग का दिन भी कहा जाता है।




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