गुरु पूर्णिमा

Guru Purnima

Short information

  • Date in 2020 - Sunday, 5 July, 2020.
  • Did you know : It is the day when Ved Vyas was born in the Mahabharata period by Sage Parashar, the daughter of a fisherman, Satyavati.

गुरु पूर्णिमा हिन्दुओं के लिए विशेष दिन है। एक पूर्णिमा के दिन होता जब चन्द्रमा रात को पूर्ण रूप से दिखाई देता है। इस दिन व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, वेद व्यास का जन्मदिन है। इस दिन गुरु की पूजा का विधान है। हिन्दू धर्म के धर्म गुरुओं की पूजा उनके अनुयायियों द्वारा पूजा जाता है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ में आती है। इस दिन सभी साधु सन्त एक साथ गंगा नदी में स्नान करते है।

यह भारत, नेपाल, और भूटान में एक त्योहार के रूप में हिंदुओं, जैन और बौद्धों द्वारा मनाया जाता है। यह त्योहार पारंपरिक रूप से हिंदुओं, बौद्धों और जैनियों द्वारा अपने चुने हुए आध्यात्मिक शिक्षकों धर्म गुरु का सम्मान करने और उनका आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।

यह दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्मदिन भी है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे और उन्होंने चारों वेदों की भी रचना की थी। इस कारण उनका एक नाम वेद व्यास भी है। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है और उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। यह वह दिन है जब महाभारत काल में ऋषि पाराशर और एक मछुवारें की बेटी सत्यवती द्वारा वेद व्यास का जन्म हुआ था। भक्तिकाल के संत घीसादास का भी जन्म इसी दिन हुआ था वे कबीरदास के शिष्य थे।

गुरु के क्या है? यह एक श्लोक द्वारा बताया गया है। जो इस प्रकार हैः-

अज्ञान तिमिरांधश्च ज्ञानांजन शलाकया,चक्षुन्मीलितम तस्मै श्री गुरुवै नमः

गुरु तथा देवता में समानता के लिए एक श्लोक में कहा गया है कि जैसी भक्ति की आवश्यकता देवता के लिए है वैसी ही गुरु के लिए भी। बल्कि सद्गुरु की कृपा से ईश्वर का साक्षात्कार भी संभव है। गुरु की कृपा के अभाव में कुछ भी संभव नहीं है।

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