श्री जगन्नाथ मंदिर - नई दिल्ली

महत्वपूर्ण जानकारी

  • जगह: C-ब्लॉक, सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया, भगवान जगन्नाथ Mg, हौज खास विलेज रोड, हौज खास, दिल्ली - 110016
  • मंदिर खुलने और बंद होने का समय:
  • गर्मियों में - सुबह 05.00 बजे से दोपहर 12.20 बजे तक और शाम 04:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
  • सर्दियों में - सुबह 06:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 04:00 बजे से रात 09:30 बजे तक।
  • खास दिनों में आने का समय बदला जा सकता है।
  • सबसे पास का मेट्रो रेलवे स्टेशन: हौज खास मेट्रो स्टेशन, जगन्नाथ मंदिर से लगभग 1.9 किलोमीटर दूर।
  • सबसे पास का एयरपोर्ट: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जगन्नाथ मंदिर से लगभग 12.2 किलोमीटर दूर।
  • ज़रूरी त्योहार: रथ यात्रा, चंदन यात्रा, स्नान यात्रा, नवकलेवर।
  • मुख्य देवता: भगवान जगन्नाथ।

श्री जगन्नाथ मंदिर, भारत एक आधुनिक मंदिर है जो नई दिल्ली में स्थित के उड़िया समुदाय द्वारा निर्मित है, जिसमें हिंदू भगवान जगन्नाथ को समर्पित है। हौज खास में स्थित यह मंदिर अपने वार्षिक जगन्नाथ रथयात्रा त्योहार के लिए प्रसिद्ध है जिसमें हजारों भक्तों ने भाग लेते है। जगन्नाथ मंदिर में श्री जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन इस प्रकार किया जाता है जिस प्रकार पुरी में किया जाता है। यह त्योहार इस मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। इसमें मंदिर के तीन मुख्य देवता, भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा है।

श्री जगन्नाथ मंदिर और उड़ीसा कला और सांस्कृतिक केंद्र का गठन 1968 में किया गया था। उसी वर्ष पंजीकरण अधिनियम की सोसायटी के तहत पंजीकृत किया गया था।

मंदिर की आधारशिला 15 जनवरी 1968 को रखी गई थी और निर्माण कार्य 5 फरवरी 1968 को शुरू हुआ था। प्रारंभ में समाज के सीमित संसाधनों के साथ, एक छोटा मंदिर बनाया गया था और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा की नियमित पूजा शुरू हुई थी। मंदिर में आये आगंतुको के लिए मंदिर के पास 18 कमरों की एक धर्मशाला भी है। 1991 में इस मंदिर का पुनः निर्माण का कार्य शुरू किया गया था और 28 जनवरी 1999 को मंदिर का उद्घाटन किया था। पुरी से लाग गये तीन देवताओं की बडे आकार की मूर्तियों को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा स्थिपित की गई थी।

श्री जगन्नाथ मंदिर में सोसाइटी द्वारा विकसित लाइब्रेरी हाॅल भी है जिसमें धार्मिक पुस्तकों का एक स्थान पर संग्रह है। इस मंदिर में करीब 200-300 मेहमानों के लिए बैठे और डाइनिंग सुविधाओं के साथ समाज ने विवाह, सगाई और ब्रैटघर समारोहों के आयोजन के लिए दो बड़े प्रसाद हॉल का पुनर्निर्माण किया है।





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