किस प्रकार के शिवलिंग का अभिषेक करने से मिलता है - कौन सा फल?

किस प्रकार के शिवलिंग का अभिषेक करने से मिलता है - कौन सा फल?

भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए, लेकिन सावन महीना का कुछ खास होता है। सावन का महीना भगवान का विशेष रूप से प्रिय होता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है और मनोकामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव की पूजा, शिवलिंग अभिषेक के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती है। श्रावण मास में रोजाना या हर सोमवार या प्रदोष वाले दिन शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत महत्वपूर्ण और लाभकारी होता है।

विशेष शिवलिंग का अभिषेक करने पर मिलेगे अलग अलग फल मिलता है-

  • सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है।
  • मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है।
  • हीरे से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
  • पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
  • नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है।
  • स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं।
  • चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है।
  • ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है।
  • पीतल से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से सुखों की प्राप्ति होती है
  • कांस्य के शिवलिंग पर अभिषेक करने से यश (प्रसिद्धि) की प्राप्ति होती है।
  • लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है।
  • आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।
  • उड़द के आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सुंदर पत्नी की प्राप्ति होती है।
  • मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख प्राप्त होते है।
  • गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है।
  • बांस के शिवलिंग पर अभिषेक करने से वंश में वृद्धि होती है।








2022 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार











Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

EN हिं