Sawan Pahla Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार पर बन रहे हैं शुभ संयोग! जानें जलाभिषेक का सही मुहूर्त और पूजा विधि

Sawan Pahla Somwar 2026: सावन के पहले सोमवार पर बन रहे हैं शुभ संयोग! जानें जलाभिषेक का सही मुहूर्त और पूजा विधि

सावन (श्रावण) का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ शिव भक्ति की बयार बहने लगी है। सावन के महीने में आने वाले सोमवार का हिंदू धर्म में विशेष और अत्यंत पावन महत्व होता है। इस साल सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है।

मान्यता है कि सावन के पहले सोमवार का व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

अगर आप भी इस पहले सोमवार पर व्रत और पूजा की योजना बना रहे हैं, तो जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, सामग्री और सही विधि।

⏰ 1. सावन का पहला सोमवार: जलाभिषेक और पूजा का शुभ मुहूर्त

  • तारीख: 3 अगस्त 2026 (सोमवार)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 AM से 05:01 AM तक (सुबह की पूजा के लिए उत्तम)

  • प्रातःकाल पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:43 AM से 07:25 AM तक

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 PM से 12:54 PM तक

  • प्रदोष काल (संध्या पूजा) मुहूर्त: शाम 06:52 PM से रात 08:40 PM तक

(नोट: प्रदोष काल में शिवजी की पूजा और शिवलिंग पर दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है।)

🌺 2. शिव पूजा की सामग्री लिस्ट (Puja Samagri)

पूजा शुरू करने से पहले ये सामग्री जरूर एकत्रित कर लें:

  • शुद्ध जल और गंगाजल

  • कच्चा दूध, दही, शहद, देशी घी और शक्कर (पंचामृत के लिए)

  • 3 या 5 दल वाले अखंडित बेलपत्र

  • धतूरा, भांग, शमी के पत्ते और आंकड़े (मदार) के फूल

  • चंदन (सफेद या अष्टगंध), भस्म, अक्षत (अखंडित चावल)

  • धूप, दीप, कपूर और ऋतु फल (जैसे केला या सेब)

🕉️ 3. सावन सोमवार की सही पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)

  1. स्नान व संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ (हो सके तो हल्के रंग या सफेद/पीले) वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल लेकर सावन सोमवार व्रत का संकल्प लें।

  2. जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक: सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद कच्चे दूध या पंचामृत से अभिषेक करें और पुनः स्वच्छ जल व गंगाजल चढ़ाएं।

  3. श्रृंगार और भस्म: शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं, भस्म चढ़ाएं और अक्षत अर्पित करें।

  4. पत्र-पुष्प अर्पण: ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए बेलपत्र (चिकना हिस्सा नीचे की तरफ), धतूरा, आंकड़ा और भांग चढ़ाएं।

  5. आरती और भोग: धूप-दीप जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। अंत में फल या मिठाई का भोग लगाएं और अनजाने में हुई भूलचूक के लिए क्षमा मांगें।

🎯 लेखक के विचार (Author's Take)

सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की असीम कृपा पाने का सबसे सुंदर अवसर है। जरूरी नहीं कि आपकी पूजा बहुत भव्य हो; भोलेनाथ तो केवल सच्चे भाव, एक लोटा शुद्ध जल और एक बेलपत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। 'हर-हर महादेव' का ध्यान करते हुए अपने दिन की शुरुआत करें!









प्रश्न और उत्तर



आप इन्हें भी पढ़ सकते हैं


संबंधित लेख




2026 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार











Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

EN हिं