ओम पर्वत - प्राकृतिक रूप से बना ओम शब्द

ओम पर्वत - प्राकृतिक रूप से बना ओम शब्द

महत्वपूर्ण जानकारी

  • पता : जिला पिथौरागढ़, उत्तराखंड 262546
  • यात्रा का सबसे अच्छा समय : अप्रैल से जून और सितम्बर से अक्टूबर का होता है। वर्षा के समय यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: पिथौरागढ़ से लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन और पिथौरागढ़ से लगभग 176 किलोमीटर की दूरी पर टनकपुर रेलवे स्टेशन।
  • निकटतम हवाई अड्डा: पिथौरागढ़ से लगभग 243 किलोमीटर की दूरी पर पंतनगर हवाई अड्डा, उधम सिंह नगर, पंतनगर, उत्तराखंड।
  • सड़क मार्ग से: आईएसबीटी नई दिल्ली से चंपावत, अल्मोड़ा और टनकपुर जैसे कई कुमाऊं क्षेत्रों के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं, जहां से आप धारचूला के लिए स्थानीय टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या यदि आप कम खर्च करना चाहते हैं तो सार्वजनिक परिवहन आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

ओम पर्वत हिन्दू धर्म अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। ओम पर्वत भारत के राज्य उत्तराखंड, जिला पिथौरागढ़, हिमालाय पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यह एक पर्वत है जो हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है जिसकी ऊँचाई 6191 मीटर है। यह एक पर्वत है जिस पर हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध ‘ऊँ’ शब्द को प्रकृतिक रूप से बना हुआ देखा जा सकता है। इसलिए इस पर्वत का नाम ओम पर्वत है। ओम पर्वत पर बर्फ से बना हुआ ओम दिखाई देता है। ओम पर्वत हिन्दू, जैन और बौद्ध धर्म के लिए एक पवित्र स्थान माना जाता है। इस पर्वत पर ओम शब्द को नाबीडागं से देखा जा सकता है जो एक शानदार दृश्य माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ओम पर्वत भगवान शिव से जुड़ा हुआ है।

पौराणिक मान्यता

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हिमालय पर कुल 8 प्राकृतिक रूप से ओम की आकृतियां बनी हुई हैं। इनमें से अब तक केवल ओम पर्वत की ही आकृति के बारे में पता चल सका है। ये चोटी हिंदू धर्म के अलावा बौद्ध और जैन धर्म में भी विशेष धार्मिक महत्व रखती है। इस पर्वत के दूसरी तरफ पार्वती मुहर नाम का एक पहाड़ है जो इसी नाम के एक दर्रे से जुड़ा हुआ है। भारत के सीमा से ’ऊँ’ के दर्शन होते है जबकि इसका पृष्ठ भाग नेपाल की ओर पड़ता है।

ओम पर्वत की यात्रा

ओम पर्वत के दर्शन हेतु यात्रा कि जाती है, ज्यादातर श्राद्धलु छोटा कैलाश, आदि कैलाश, बाबा कैलाश जोकि जोंगलिंगकोंग के नाम से प्रचलित की यात्रा के दौरान ओम पर्वत के दर्शन करते है। श्राद्धलु केवल ओम पर्वत के दर्शन के लिए भी यात्रा करते है।

तिब्बत में स्थिति कैलाश मानसरोवर की यात्रा के दौरान भी ओम पर्वत के दर्शन किये जा सकते है। एक प्रकार से यह स्थान कैलाश और आदि कैलाश के बीच में स्थित है। ये स्थान नेपाल - तिब्बत सीमा के पास में स्थित है जो एक शानदार दृश्य प्रदान करता है। यहाँ आने वाले यात्री इस स्थान से अन्नपूर्णा की विशाल चोटियों को भी देख सकते हैं। यह स्थान धारचूला के निकट है।










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